Inspection of bridge project in Khambhiya (Ghaghara); allegation of site change without Gram Sabha approval.

घाघरा के खम्भिया में पुल योजना की जांच, बिना ग्राम सभा के स्थल बदलने का आरोप

Inspection of bridge project in Khambhiya (Ghaghara); allegation of site change without Gram Sabha approval.
Inspection of bridge project in Khambhiya (Ghaghara); allegation of site change without Gram Sabha approval.

निर्मल सिंह

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गुमला: घाघरा के अरंगी पंचायत के खम्भिया गांव में पुल योजना में कथित गड़बड़ी का मामला सामने आने के बाद सोमवार को जिला स्तर से जांच शुरू की गई। योजना में स्वीकृत स्थल पर पुल का निर्माण नहीं किए जाने और दूसरी जगह निर्माण किए जाने की शिकायत के बाद डीपीएम सतीश कुमार टीम के साथ गांव पहुंचे और दोनों स्थलों का निरीक्षण किया।

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जांच के दौरान सामने आया कि योजना के लिए स्वीकृत स्थल पर पुल का निर्माण नहीं कराया गया है। इसके बजाय दूसरी जगह पुल बनाया गया है। ग्रामीणों का आरोप है कि योजना का स्थल बदलने से पहले नियमानुसार ग्राम सभा नहीं कराई गई और जिला पंचायती राज पदाधिकारी से भी अनुमति नहीं ली गई। नियमानुसार किसी योजना के स्वीकृत स्थल में बदलाव से पहले ग्राम सभा की प्रक्रिया पूरी करने के साथ सक्षम पदाधिकारी से अनुमति लेना आवश्यक है। ग्रामीणों का कहना है कि इस मामले में निर्धारित प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया।

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जांच टीम ने मौके पर ग्रामीणों से पूछताछ की और योजना से जुड़े दस्तावेजों व दोनों स्थलों की स्थिति की जानकारी ली। ग्रामीणों ने पंचायत सचिव, कनीय अभियंता जीवन एक्का और मुखिया पर मिलीभगत का आरोप लगाते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग की है। डीपीएम सतीश कुमार ने बताया कि जिला पंचायती राज पदाधिकारी के निर्देश पर मामले की जांच की जा रही है। स्थल का निरीक्षण और ग्रामीणों से जानकारी लेने के बाद पूरी जांच रिपोर्ट लिखित रूप में जिला स्तर पर सौंपी जाएगी। रिपोर्ट के आधार पर नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।

इधर, मामले की खबर सामने आने के बाद पंचायत स्तर पर भी हलचल तेज हो गई है। ग्रामीणों का आरोप है कि लाभुक समिति के अध्यक्ष और सचिव गांव में लोगों से हस्ताक्षर कराने का प्रयास कर रहे हैं, ताकि निर्माण कार्य को सही ठहराया जा सके। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। अब जांच रिपोर्ट के बाद ही स्पष्ट होगा कि पुल योजना में नियमों का उल्लंघन हुआ है या नहीं और यदि अनियमितता पाई जाती है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ क्या कार्रवाई की जाती है।

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