अस्पताल में काम कर रहा मजदूर 11 हजार वोल्ट की चपेट में आया, मुआवजे की मांग पर परिजनों का धरना

धनबाद: शहर के नावाडीह स्थित मिहिर किडनी केयर हॉस्पिटल में काम करने के दौरान 3 सितंबर को हाई वोल्टेज करंट की चपेट में आने से एक मजदूर गंभीर रूप से झुलस गया। हादसे के बाद उसे प्राथमिक उपचार के उपरांत बोकारो जनरल हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है, जहां उसकी हालत गंभीर बताई जा रही है। इधर, मुआवजे की मांग को लेकर मंगलवार को मजदूर के परिजनों और समर्थकों ने अस्पताल के बाहर धरना-प्रदर्शन किया।

परिजनों के अनुसार, गोविंदपुर के मिल्लत नगर निवासी एजाज अंसारी पिछले करीब डेढ़ वर्ष से मिहिर किडनी केयर हॉस्पिटल में गेट-ग्रील का काम कर रहा था। 3 सितंबर को अस्पताल की छत पर काम करने के दौरान वह 11 हजार वोल्ट के हाई टेंशन तार की चपेट में आ गया। करंट लगने से वह गंभीर रूप से झुलस गया।
प्रदर्शन कर रहे परिजनों ने हादसे के लिए अस्पताल प्रबंधन को जिम्मेदार ठहराया। उनका आरोप है कि गंभीर रूप से घायल मजदूर को प्राथमिक उपचार के बाद सरकारी अस्पताल में भर्ती करा दिया गया और इसके बाद अस्पताल प्रबंधन ने मामले से दूरी बना ली। परिजनों का कहना है कि मजदूर की हालत गंभीर है और उसके इलाज में काफी खर्च हो रहा है। परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन से उचित मुआवजा देने की मांग की है। उनका कहना है कि मजदूर परिवार के लिए कमाने वाला सदस्य है और हादसे के बाद परिवार के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।

प्रदर्शनकारियों ने यह भी आरोप लगाया कि मुआवजे की मांग को लेकर जब परिजन सोमवार को अस्पताल प्रबंधन से मिलने पहुंचे, तो अस्पताल संचालक डॉक्टर मिहिर की पत्नी राखी झा ने उन्हें कथित तौर पर झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी दी। हालांकि, इन आरोपों पर अस्पताल प्रबंधन की ओर से तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। परिजनों ने प्रशासन से मामले की जांच कराने, घायल मजदूर के समुचित इलाज की व्यवस्था सुनिश्चित करने और उचित मुआवजा दिलाने की मांग की है।

















