झारखंड को मिलेंगे छह कुमकी हाथी, मानव-हाथी संघर्ष रोकने में मिलेगी मदद

रांची: झारखंड में लगातार बढ़ रहे मानव-हाथी संघर्ष को कम करने और ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए राज्य सरकार ने एक महत्वपूर्ण पहल की है। कर्नाटक सरकार झारखंड को छह प्रशिक्षित कुमकी हाथी उपलब्ध कराएगी। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के आग्रह पर कर्नाटक सरकार ने इन विशेष रूप से प्रशिक्षित हाथियों को झारखंड भेजने की मंजूरी दी है।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, कुमकी हाथियों का इस्तेमाल विशेष रूप से जंगली और आक्रामक हाथियों को नियंत्रित करने तथा उन्हें आबादी वाले क्षेत्रों से सुरक्षित तरीके से वापस जंगल की ओर ले जाने में किया जाता है। झारखंड में इन हाथियों की तैनाती से हाथियों के झुंड के गांवों और आबादी वाले इलाकों में प्रवेश की स्थिति में वन विभाग को अभियान चलाने में मदद मिलेगी।

कुमकी हाथियों की मदद से चलेगा रेस्क्यू ऑपरेशन
कंजरवेटर ऑफ फॉरेस्ट एस. आर. नतेश के अनुसार, कर्नाटक से मिलने वाले छह कुमकी हाथियों का उपयोग प्रशिक्षित वनकर्मियों की निगरानी में किया जाएगा। इन हाथियों की मदद से हिंसक या बेकाबू जंगली हाथियों को नियंत्रित करने और उन्हें सुरक्षित स्थान पर ले जाने का प्रयास किया जाएगा।
मानव-हाथी संघर्ष झारखंड के कई वन क्षेत्रों में लंबे समय से बड़ी चुनौती बना हुआ है। हाथियों के गांवों में प्रवेश करने से फसलों और संपत्ति को नुकसान के साथ-साथ ग्रामीणों की जान को भी खतरा पैदा होता है। ऐसे में प्रशिक्षित कुमकी हाथियों की मदद से वन विभाग की त्वरित कार्रवाई क्षमता बढ़ने की उम्मीद है।

कर्नाटक के अनुभव का झारखंड को मिलेगा लाभ
कर्नाटक में कुमकी हाथियों का इस्तेमाल मानव-हाथी संघर्ष की स्थिति से निपटने के लिए लंबे समय से किया जाता रहा है। झारखंड को इन हाथियों की उपलब्धता से हाथियों को नियंत्रित करने के अभियानों में विशेषज्ञता और अनुभव का लाभ मिलने की उम्मीद है।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने राज्य में बढ़ते मानव-हाथी संघर्ष को कम करने के लिए वन विभाग को प्रभावी और स्थायी उपाय करने पर जोर दिया है। छह कुमकी हाथियों की तैनाती को इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
















