Case involving a fake IPS officer and a police team

फर्जी IPS बनकर पुलिस टीम को साथ लेकर NH-139 पर कराता रहा वाहनों की जांच, दो गिरफ्तार

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औरंगाबाद। बिहार के औरंगाबाद में खुद को प्रशिक्षु IPS अधिकारी बताकर एक युवक द्वारा पुलिस को ही झांसे में लेने का मामला सामने आया है। आरोपी ने नगर थाना पुलिस से संपर्क कर खुद को प्रशिक्षु IPS अधिकारी बताया और जांच के लिए पुलिस बल की मांग की। पुलिस टीम उसके साथ निकली और NH-139 पर वाहनों की जांच भी की। बाद में मामला संदिग्ध होने पर आरोपी मौके से फरार हो गया।

पुलिस के मुताबिक, कथित फर्जी IPS ने नगर थाना के सरकारी मोबाइल नंबर पर फोन किया था। उसने खुद को प्रशिक्षु IPS अधिकारी बताते हुए कार्रवाई के लिए पुलिस बल मांगा। उसकी बात पर भरोसा करते हुए नगर थाना की गश्ती टीम उसके साथ चली गई।

इसके बाद NH-139 पर जसोइया मोड़ से सीमेंट फैक्ट्री तक वाहनों की जांच की गई। इस दौरान सड़क से गुजर रहे लोगों से पूछताछ भी की गई। पुलिस टीम के साथ कथित अधिकारी अनुग्रह नारायण रोड रेलवे स्टेशन की ओर भी गया, जहां एक टेंपो को रोककर उसमें सवार यात्रियों से पूछताछ की गई।

दो युवकों को कब्जे में लेने के बाद बदला घटनाक्रम

इसी दौरान कथित फर्जी IPS ने दो युवकों को अपने कब्जे में ले लिया। दोनों युवकों ने अपने एक रिश्तेदार से फोन पर संपर्क किया। बताया गया कि उनके रिश्तेदार झारखंड पुलिस में दारोगा के पद पर कार्यरत हैं।

पुलिस अधिकारी से बातचीत होने के बाद कथित फर्जी IPS को शक हुआ कि उसकी पहचान उजागर हो सकती है। इसके बाद उसने दोनों युवकों को सड़क किनारे उतार दिया और वहां से फरार हो गया।

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चालक समेत दो गिरफ्तार

घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने जांच शुरू की। इस मामले में पुलिस ने कथित फर्जी IPS के चालक समेत दो लोगों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान पलामू जिले के डाल्टनगंज निवासी पिंटू कुमार और चैनपुर थाना क्षेत्र के शाहपुर मोहल्ला निवासी कुंदन कुमार, पिता विजय प्रसाद जयसवाल के रूप में हुई है।

पुलिस ने आरोपियों के पास से वह स्कॉर्पियो भी बरामद की है, जिसका इस्तेमाल कथित तौर पर पूरी घटना के दौरान किया गया था।

मुख्य आरोपी की तलाश जारी

मुख्य आरोपी अभी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है। उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें झारखंड के विभिन्न संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही हैं। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपी ने खुद को IPS अधिकारी बताकर पुलिस को किस मकसद से अपने साथ लिया था और इससे पहले उसने ऐसी कोई घटना की है या नहीं।

घटना के सामने आने के बाद पुलिस महकमे में भी इसे लेकर चर्चा है कि बिना पर्याप्त सत्यापन के एक युवक की बात पर भरोसा कर पुलिस टीम उसके साथ जांच में कैसे निकल गई।

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Drishti Now Desk

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