Naxal leader Asim Mandal, carrying a reward of ₹2.20 crore, has surrendered; he was wanted in 55 cases across Jharkhand and Odisha.

2.20 करोड़ के इनामी नक्सली नेता असीम मंडल ने किया सरेंडर, झारखंड-ओडिशा में 55 मामलों में था वांछित

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Naxal leader Asim Mandal, carrying a reward of ₹2.20 crore, has surrendered; he was wanted in 55 cases across Jharkhand and Odisha.
Naxal leader Asim Mandal, carrying a reward of ₹2.20 crore, has surrendered; he was wanted in 55 cases across Jharkhand and Odisha.

प्रतिबंधित भाकपा माओवादी के केंद्रीय कमेटी सदस्य (सीसीएम) असीम मंडल उर्फ आकाश ने सुरक्षा एजेंसियों के समक्ष आत्मसमर्पण किया है। असीम मंडल पर झारखंड और ओडिशा में कुल 2.20 करोड़ रुपये का इनाम घोषित था। इसमें झारखंड में एक करोड़ और ओडिशा में 1.20 करोड़ रुपये का इनाम शामिल है। पुलिस के अनुसार, वह करीब 55 मामलों में वांछित था।

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पश्चिम बंगाल के पश्चिम मेदिनीपुर जिले के चंद्रकोना थाना क्षेत्र के उत्तर फूलचुक निवासी असीम मंडल का नाम झारखंड के पूर्वी और पश्चिमी सिंहभूम समेत कई इलाकों में सुरक्षा बलों पर हुए नक्सली हमलों से जुड़े मामलों में सामने आया है। पूर्वी सिंहभूम जिले के एमजीएम थाना क्षेत्र स्थित झाटी पहाड़ी में 11 जुलाई 2018 को सुरक्षा बलों पर हुए हमले में एक जवान शहीद हुआ था। इस मामले में भी असीम मंडल का नाम नक्सली गतिविधियों से जुड़े आरोपों में सामने आया था।

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वहीं पश्चिमी सिंहभूम जिले के छोटानागरा थाना क्षेत्र के मरांगपोंगा में 1 मार्च 2026 को हुए नक्सली हमले में 209 कोबरा के असिस्टेंट कमांडेंट समेत दो सुरक्षाकर्मी घायल हुए थे। 12 अप्रैल 2025 को जराइकेला थाना क्षेत्र के राधापोरा में झारखंड जगुआर के एक जवान की मौत के मामले में भी उसकी भूमिका की जांच की गई है।

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इसके अलावा 11 जनवरी 2023 को टोंटो थाना क्षेत्र के तुम्बाहाका में 209 कोबरा के नौ जवानों के घायल होने और 31 मई 2020 को कराईकेला थाना क्षेत्र के जोंवा में एक सुरक्षाकर्मी की मौत से जुड़े मामलों में भी असीम मंडल का नाम सामने आया था।

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असीम मंडल के आत्मसमर्पण के बाद झारखंड पुलिस की एक टीम पश्चिम बंगाल जाकर उससे पूछताछ करेगी। पूछताछ के दौरान नक्सली संगठन के नेटवर्क, उसकी गतिविधियों और सुरक्षा बलों पर हुए विभिन्न हमलों से जुड़े पहलुओं की जानकारी जुटाई जाएगी। सुरक्षा एजेंसियां जंगलों में छिपाकर रखे गए हथियार, गोला-बारूद और अन्य नक्सली सामग्री के डंप का पता लगाने की दिशा में भी उससे जानकारी हासिल कर रही हैं।

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केंद्रीय कमेटी स्तर के एक प्रमुख नक्सली नेता के आत्मसमर्पण को सुरक्षा एजेंसियों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पूछताछ के जरिए संगठन की कार्यप्रणाली, नेटवर्क और सक्रिय सदस्यों से जुड़ी अहम जानकारियां सामने आने की उम्मीद है।

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