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सिमडेगा में पहली बार लगा पलाश दिवाली मेला, 95 हजार महिलाओं के हुनर को मिला बाजार

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सिमडेगा: दीपावली के उत्साह के बीच सिमडेगा में पहली बार तीन दिवसीय पलाश दिवाली मेला एवं सांस्कृतिक आयोजन की शुरुआत हुई। हेरिटेज सेंटर-सह-म्यूजियम परिसर में 4 से 6 नवंबर तक आयोजित इस मेले का उद्घाटन बुधवार को उपायुक्त कंचन सिंह, पुलिस अधीक्षक श्रीकांत एस खोटरे और उप विकास आयुक्त दीपांकर चौधरी ने संयुक्त रूप से फीता काटकर किया। इस दौरान अतिथियों ने दीप प्रज्वलित कर आयोजन की शुरुआत की।

पलाश JSLPS एवं ग्रामीण विकास विभाग की ओर से आयोजित इस मेले का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण महिला उद्यमियों और स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को अपने उत्पादों के प्रदर्शन और बिक्री के लिए बाजार उपलब्ध कराना है। मेले में जिले के विभिन्न प्रखंडों से आई महिलाओं ने मिट्टी के दीये, मिठाइयां, वस्त्र, आभूषण, बांस से बने सूप-टोकरी, मांदर, वन उत्पाद और कई तरह की हस्तनिर्मित वस्तुओं के स्टॉल लगाए हैं।

उद्घाटन के बाद उपायुक्त, एसपी और डीडीसी ने विभिन्न स्टॉलों का निरीक्षण किया तथा महिलाओं से उनके उत्पादों और आजीविका संबंधी गतिविधियों की जानकारी ली। उपायुक्त ने जिलेवासियों से मेले में पहुंचकर स्थानीय महिलाओं के बनाए उत्पाद खरीदने की अपील की। उन्होंने कहा कि स्थानीय उत्पादों की खरीदारी से ग्रामीण महिलाओं की मेहनत को प्रोत्साहन मिलेगा और उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने में मदद मिलेगी।

उपायुक्त कंचन सिंह ने कहा कि सिमडेगा में लगभग 95 हजार महिलाएं JSLPS से जुड़ी हुई हैं। महिलाओं के हुनर और कौशल को विकसित कर उन्हें आजीविका से जोड़ना सरकार और मुख्यमंत्री का संकल्प है। इस दिशा में JSLPS महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। उन्होंने कहा कि स्थानीय उत्पादों को केवल जिले तक सीमित रखने के बजाय राज्य, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाने के प्रयास किए जा रहे हैं।

उन्होंने बताया कि विजयवाड़ा में सिमडेगा के मड़ुआ के लड्डुओं की काफी मांग रही और कोलेबिरा फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी की ओर से भेजे गए उत्पादों की पूरी खेप बिक गई। वहीं, रांची में आयोजित JASOWA दिवाली मेले में भी सिमडेगा के उत्पादों को अच्छा प्रतिसाद मिला। इससे साबित होता है कि स्थानीय उत्पादों की बाजार में अच्छी संभावनाएं हैं।

उपायुक्त ने बताया कि इस वर्ष जिले में लगभग 15,500 एकड़ में मड़ुआ की खेती हुई है। अब मड़ुआ से आटा और रोटी के अलावा लड्डू, मिक्सचर, पापड़ सहित कई उत्पाद तैयार किए जा रहे हैं। उन्होंने पारंपरिक हस्तशिल्प को आधुनिक बाजार की मांग के अनुरूप विकसित करने पर जोर दिया। कहा कि मिट्टी के दीये और सजावटी वस्तुओं को केवल दीपावली तक सीमित नहीं रखना चाहिए, बल्कि ऐसे उत्पाद तैयार किए जाने चाहिए जिनकी मांग पूरे साल बनी रहे।

सिमडेगा में पहली बार लगा पलाश दिवाली मेला, 95 हजार महिलाओं के हुनर को मिला बाजार

पुलिस अधीक्षक श्रीकांत एस खोटरे ने कहा कि पलाश दिवाली मेला ग्रामीण महिला उद्यमियों को अपनी प्रतिभा और उत्पादों को प्रदर्शित करने का बेहतर मंच दे रहा है। स्थानीय संसाधनों से तैयार वस्तुओं को बढ़ावा मिलने से स्थानीय स्तर पर आपूर्ति श्रृंखला विकसित होगी और ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत होगी।

उन्होंने कहा कि महिलाओं द्वारा तैयार वस्त्र, मिट्टी के दीये, वन उत्पाद और हस्तनिर्मित सामग्री महिला सशक्तिकरण के साथ स्थानीय रोजगार को भी बढ़ावा देंगे। हेरिटेज सेंटर की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि यह केंद्र जिले के समृद्ध इतिहास, संस्कृति और पहचान को सामने लाने का महत्वपूर्ण माध्यम है। ऐसे आयोजन स्थानीय कला और परंपराओं को नई पहचान देने में सहायक हैं।

उप विकास आयुक्त दीपांकर चौधरी ने कहा कि जिले में 95 हजार से अधिक महिलाएं स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी हैं। पलाश ब्रांड के माध्यम से इन महिलाओं द्वारा तैयार उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराने का लगातार प्रयास किया जा रहा है। मेले में महिलाओं ने अपने हुनर से तैयार कई आकर्षक उत्पादों का प्रदर्शन किया है।

सिमडेगा में पहली बार लगा पलाश दिवाली मेला, 95 हजार महिलाओं के हुनर को मिला बाजार

उन्होंने आम लोगों से मेले में पहुंचकर खरीदारी करने और महिला उद्यमियों का उत्साहवर्धन करने की अपील की। कहा कि इन उत्पादों की बिक्री से होने वाली आय सीधे स्थानीय महिलाओं और ग्रामीण परिवारों तक पहुंचेगी, जिससे क्षेत्र की आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।

मेले के दौरान जिले के विभिन्न प्रखंडों से आए प्रतिभागियों और बच्चों ने रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। पारंपरिक लोककला और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने आयोजन को आकर्षक बना दिया। मेले में जहां स्थानीय उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराया जा रहा है, वहीं सांस्कृतिक कार्यक्रमों के जरिए जिले की समृद्ध लोकपरंपरा को भी मंच मिल रहा है।

मौके पर अपर समाहर्ता गिरिजा शंकर महतो, अनुमंडल पदाधिकारी सुमन्त तिर्की, भूमि सुधार उप समाहर्ता अरुणा कुमारी, जिला खेल पदाधिकारी मनोज कुमार, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी पलटू महतो, जिला आपूर्ति पदाधिकारी नरेश रजक सहित जिला प्रशासन के पदाधिकारी, JSLPS की टीम, विभिन्न विभागों के प्रतिनिधि, स्वयं सहायता समूहों की महिलाएं और बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित थे।

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शंभू कुमार सिंह

शंभू कुमार सिंह

रिपोर्टर

शंभू कुमार सिंह सिमडेगा के रहने वाले हैं ये 1995 से पत्रकारिता के क्षेत्र में कार्यरत है दैनिक जागरण जिला प्रभारी, भास्कर दैनिक का जिला प्रभारी, सहित की भी चैनल के साथ में अन्य महत्वपूर्ण इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में लगातार सक्रिय रहे है । समाचार संकलन विशेष लेख फीचर व अन्य क्षेत्रों में भी विशेष पकड़।