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पुलिस पिकेट निर्माण का हो रहा है आदिवासी बाहुल्य गांवो में विरोध.

गिरिडीह, दिनेश.

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गिरीडीह : एक तरफ पुलिस और सीआरपीएफ जहां नक्सलियों को उसके ही मांद में घुसकर गिरफ्तार और मारने की तैयारी में जगह-जगह पुलिस पिकेट और सीआरपीएफ कैंप बनाने की सोच रही है, तो वही इन क्षेत्रों के ग्रामीण पुलिस कैंप और सीआरपीएफ कैंप का विरोध का स्वर ऊंचा करते जा रहे हैं।

करीब एक महीने में डुमरी, पीरटांड इलाके के आदिवासी सुदूर ग्रामीण इलाकों में जो ज्यादातर पारसनाथ के तलहटी के बसे गांव हैं जहां निरंतर नक्सलियों का आवागमन होते रहता है, इन नक्सलियों पर लगाम लगाने के उद्देश्य से इन क्षेत्रों में पुलिस पिकेट और सीआरपीएफ कैंप का निर्माण प्रस्तावित है, जहां एक तरफ पुलिस पिकेट और सीआरपीएफ कैंप का निर्माण करवाने हेतु पुलिस अपनी तैयारी कर रही है तो वहीं ग्रामीण इसके निर्माण को लेकर विरोधी हो चुके हैं ।

ताजा मामला बुधवार को देखने को मिला जहां खुखरा थाना के पर्वतपुर स्थित पुलिस कैंप निर्माण का स्थानीय ग्रामीणों ने जोरदार विरोध किया। ग्रामीण हरवे हथियार के साथ एक स्थल पर जमा हुए और देखते ही देखते हजारों की भीड़ हो गई सभी के हाथों में पारंपरिक हथियार देखने को मिला। वही आदिवासियों का आंदोलन का बिगुल फूंक दिया। देखते ही देखते पर पीरटांड प्रखंड के कई ग्रामीण क्षेत्रों से लगभग 5 जुलूस का जत्था पर्वतपुर पहुंचे तथा सभा किया।

इस दौरान गिरिडीह विधायक सुदीप कुमार सोनू भी पर्वतपुर सभा स्थल पहुंचकर लोगों को संबोधित किया, और कहा कि लोकतंत्र में जनता की इच्छा ही सर्वोपरि है सीआरपीएफ कैंप और पुलिस पिकेट के निर्माण का विरोध कर रहे आदिवासियों को संबोधित करते हुए कहा कि आप अपनी इच्छा अनुसार आवेदन लिखे तथा 5 सदस्यों का एक टीम बनाकर मुख्यमंत्री से के पास चलें बताया कि  5 सदस्य टीम को लेकर वह जनवरी के पहले सप्ताह में  मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के पास जाएंगे तथा  यहां की ग्रामीणों की राय से मुख्यमंत्री को अवगत कराएंगे।

क्षेत्र के मांझी हड़ाम सहित अन्य लोगों ने अपनी बातों को रखा।बताया कि इस क्षेत्र में पुलिस केम्प की जरूरत नही है, सभा संबोधन के पश्चात विधायक सुदीप कुमार सोनू सभा स्थल से लौट आए। आंदोलनकारी पारंपरिक हथियार के साथ पांडेडीह मे बने कैम्प में बेरिकेटिंग तोड़ते हुए घुस गए और पुलिस जवानों को वापस जाने का जमकर नारेबाजी लगा रहा थे, वहीं पुलिसकर्मी भी भीड़ को देख आक्रोशित दिखे पर संयम का परिचय दिखाते हुए जवानों ने सभी को कैम्प से बाहर निकाला।

पुलिसकर्मियों ने बताया कि जवानों ने इस बार बड़ा संयम दिखाया है। हालांकि कोई नुकसान नही हुआ है। बता दें कि बीते एक माह से गिरिडीह जिले के पीरटांड़ व डुमरी में पुलिस कैम्प निर्माण की प्रक्रिया चल रही है। इसी प्रक्रिया के तहत पांडेडीह में अस्थायी कैम्प लगाकर पर्वतपुर में स्थायी कैम्प का निर्माण कराया जा रहा है, इसी का विरोध किया जा रहा है।।कोई जमीन रैयती बता विरोध कर रहा है तो कोई पुलिस कैम्प की जरूरत नही होने की बात बताकर विरोध कर रहा है।पिछले सप्ताह भी 16 दिसम्बर को यही कार्यक्रम हुआ था जिसमे विधायक ने कहा था कि मुख्यमंत्री से इस संबंध में बात करेंगे।

बुधवार को रैली आने से पूर्व विधायक सुदीप कुमार सोनू पर्वतपुर मैदान में पहुंच चुके थे। रैली आकर सभा मे तब्दील हुई।।इधर पीरटांड़ और पर्वतपुर में बन रहे पुलिस कैम्प निर्माण स्थल पर बुधवार को कई अधिकारी भी पहुंचे थे सुबह से शाम देर शाम तक गहमागहमी रही पुलिस अधिकारियों में  गुस्सा दिख रहा था परंतु जनता के आगे  नतमस्तक थे। इस दौरान पीरटांड़ के प्रभारी बीडीओ व प्रशिक्षु आईएएस सैयद रियाज अहमद, एसडीपीओ नीरज कुमार सिंह, सीओ विनय प्रकाश तिग्गा समेत तीन प्रशिक्षु बीडीओ भी मौजूद थे। वे कैम्प निर्माण का जायजा ले रहे थे उसी समय कैम्प निर्माण स्थल के सामने ही कैम्प निर्माण का विरोध प्रदर्शन चल रहा था।

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