LPG संकट पर प्रशासन सख्त: कालाबाजारी पर कड़ी कार्रवाई, आपूर्ति सुधार के लिए हाई लेवल बैठक
रांची : एलपीजी गैस की आपूर्ति में आ रही समस्याओं को लेकर जिला प्रशासन अब पूरी तरह सख्त हो गया है। उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी मंजूनाथ भजन्त्री की अध्यक्षता में आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में गैस आपूर्ति व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!बैठक का मुख्य उद्देश्य जिले में एलपीजी गैस की सुचारु आपूर्ति सुनिश्चित करना, उपभोक्ताओं को हो रही परेशानियों की समीक्षा करना और प्रभावी समाधान निकालना था। इस दौरान इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम के प्रतिनिधियों सहित जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों और गैस एजेंसी संचालकों ने भाग लिया।
बैठक में विभिन्न क्षेत्रों से मिल रही शिकायतों—जैसे गैस सिलेंडर की अनियमित आपूर्ति, डिलीवरी में देरी, बुकिंग सिस्टम की तकनीकी खामियां और स्टॉक की कमी—पर विस्तार से चर्चा की गई। उपायुक्त ने स्पष्ट निर्देश दिए कि जिले में एलपीजी गैस की मांग और आपूर्ति के बीच के अंतर को जल्द से जल्द कम किया जाए। डिस्ट्रीब्यूटर्स को अतिरिक्त सिलेंडर उपलब्ध कराने और तय समय पर डिलीवरी सुनिश्चित करने को कहा गया। साथ ही एक विशेष निगरानी टीम गठित कर आपूर्ति की नियमित समीक्षा करने का निर्णय लिया गया।
उपभोक्ताओं की समस्याओं के समाधान के लिए जिला प्रशासन ने lpgranchi2026@gmail.com ईमेल आईडी शुरू की है। इसके अलावा 9430328080 नंबर पर ‘अबुआ साथी’ व्हाट्सएप के जरिए भी शिकायत दर्ज कराई जा सकती है। प्रशासन ने भरोसा दिलाया कि सभी शिकायतों की मॉनिटरिंग कर त्वरित कार्रवाई की जाएगी।
उपायुक्त ने चेतावनी दी कि गैस सिलेंडर की कालाबाजारी या अवैध भंडारण करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन द्वारा डिलीवरी प्रक्रिया पर कड़ी नजर रखी जा रही है। कुछ स्थानों पर जबरन सिलेंडर लेने की घटनाओं को देखते हुए गैस एजेंसियों में जरूरत के अनुसार दंडाधिकारी और सुरक्षा बलों की तैनाती करने का भी निर्णय लिया गया है।
उपायुक्त ने लोगों से अपील की कि जहां संभव हो, पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) कनेक्शन अपनाएं। उन्होंने इसे सुरक्षित, निरंतर, पर्यावरण के अनुकूल और किफायती विकल्प बताया। प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि अफवाहों पर ध्यान न दें और पैनिक बुकिंग से बचें, ताकि सभी उपभोक्ताओं को समय पर गैस उपलब्ध हो सके।
















