sansad bhwan

बोलीं मुर्मू :- देश में बिना डरे फैसला लेने वाली सरकार भी है , Article 370 और तीन तलाक का भी हुआ जिक्र

Article 370

WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now
Instagram Group Join Now
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!

Drishti  Now  Ranchi

संसद का बजट सत्र आज से शुरू हो गया है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने पहली बार संसद के ज्वाइंट सेशन को संबोधित किया। राष्ट्रपति ने अपने 1 घंटे 2 मिनट तक चले अभिभाषण में कहा कि भारत में मजबूत इच्छाशक्ति वाली सरकार है। यह सरकार बिना डरे काम कर रही है। इसके लिए उन्होंने सर्जिकल स्ट्राइक, आतंकवाद पर सख्ती, आर्टिकल 370 और तीन तलाक का हवाला दिया।

मुर्मू ने सरकार को लगातार दो बार मौका देने के लिए लोगों का आभार जताया। उन्होंने कहा- हमें आत्मनिर्भर भारत बनाना है, जहां गरीबी न हो और मध्यम वर्ग वैभव से युक्त हो। उन्होंने गरीबों को मुफ्त अनाज की स्कीम जारी रखने की बात कही। मुर्मू ने रेहड़ी वालों की बात कही, तो 11 करोड़ छोटे किसानों की मदद के लिए सवा दो लाख करोड़ रुपए की सम्मान निधि का जिक्र भी किया।

pm

मोदी ने कहा- बजट से लोगों को काफी उम्मीदें
सत्र से पहले PM नरेंद्र मोदी ने कहा- सदन में तकरार तो होगी ही, तकरीर भी होनी चाहिए। मोदी ने कहा- विपक्ष पूरी तैयारी के साथ आया है। हम बहुत अच्छी तरह मंथन करके देश के लिए अमृत निकालेंगे। हमारे देश के बजट पर विश्व की नजर है। इस बजट से लोगों को काफी उम्मीदें होंगी। हमारे देश की ओर दुनिया आशा से देख रही है। हमार लक्ष्य देश पहले-देशवासी पहले होना चाहिए।

सदन में राष्ट्रपति के अभिभाषण की प्रमुख बातें…

  •  > संसद के इस संयुक्त सत्र को संबोधित करते हुए मुझे प्रसन्नता हो रही है। कुछ ही महीने पहले देश ने अपनी आजादी के 75 वर्ष पूरे कर अमृतकाल में प्रवेश किया। अमृतकाल के 25 वर्ष का कालखंड स्वतंत्रता की स्वर्णिम शताब्दी और विकसित भारत के निर्माण का वक्त है।
  • >हमारे सामने युग निर्माण का अवसर है। इसके लिए शत-प्रतिशत सामर्थ्य के साथ काम करना है। हमें 2047 तक ऐसे राष्ट्र का निर्माण करना है, जिसमें अतीत का गौरव और आधुनिकता का हर स्वर्णिम अध्याय हो। हमें आत्मनिर्भर भारत बनाना है। जो मानवीय दायित्वों का निर्वहन करने में सक्षम हो। जहां गरीबी न हो, मध्यम वर्ग वैभव से युक्त हो। युवा समय से दो कदम आगे चलते हों। ऐसा भारत हो, जिसकी विविधता और उज्ज्वल और एकता और ज्यादा अटल हो।
  • >2047 में जब ये सच्चाई जीवंत होगी, तो इतिहास उसकी नींव का अवलोकन भी करेगा। आज अमृतकाल का ये समय महत्वपूर्ण हो गया है। मेरी सरकार को देश के लोगों ने पहली बार सेवा का अवसर दिया तो हमने सबका साथ-सबका विकास के मंत्र से शुरुआत की थी। समय के साथ इसमें सबका प्रयास भी जोड़ा गया है। ये मंत्र राष्ट्र निर्माण की प्रेरणा बन गया है।
  • > मेरी सरकार को कुछ ही महीने में 9 साल पूरे हो जाएंगे। इन 9 साल में भारत के लोगों ने सकारात्मक परिवर्तन देखे। आज हर भारतीय का आत्मविश्वास शीर्ष पर है। दुनिया का भारत को देखने का नजरिया बदला है। पहले हम दुनिया पर निर्भर हुआ करते थे, आज दुनिया की समस्याओं का निराकरण कर रहे हैं।
  • >हम जिस आधुनिक इन्फ्रास्ट्रक्चर की कामना करते थे, वो देश में बनना शुरू हुआ है। आज भारत में डिजिटल नेटवर्क है, जिससे विकसित देश भी प्रेरणा ले रहे हैं। भ्रष्टाचार से मुक्ति चाहता था देश, उससे मुक्ति मिल रही है। आज देश की पहचान तेज विकास और दूरगामी दृष्टि से लिए गए फैसलों से हो रही है।
  • हम दुनिया की 10वें नंबर की अर्थव्यवस्था से 5वें नंबर पर पहुंच गए हैं। यही वह नींव है, जो आने वाले 25 साल में विकसित भारत के आत्मविश्वास को बुलंद करेगी।
  • >भगवान बसवेश्वर ने कहा था कि कर्म ही पूजा है और कर्म में ही शिव है। उनके दिखाए मार्ग पर सरकार राष्ट्र निर्माण में तत्परता से जुटी है। भारत में स्थिर, निडर और निर्णायक सरकार है, जो बड़े सपनों के लिए काम करती है। आज भारत में ईमानदार का सम्मान करने वाली सरकार है। आज भारत में गरीबी के स्थाई समाधान और सशक्तिकरण के लिए काम करने वाली सरकार है।
  • >सरकार ने विरासत को मजबूती देने और विकास को प्राथमिकता देने की राह चुनी है। आज एक तरफ देश में अयोध्या धाम का निर्माण हो रहा है तो वहीं आधुनिक संसद भवन भी बन रहा है। हमने केदारनाथ, काशी विश्वनाथ और महाकाल लोक का निर्माण किया तो हर जिले में मेडिकल कॉलेज बनवा रहे हैं।
  • तीर्थों का विकास कर रहे हैं तो भारत दुनिया की बड़ी स्पेस पावर भी बन रहा है। भारत ने पहला प्राइवेट सैटेलाइट भी लॉन्च किया है। एक तरफ आदि शंकराचार्य, बसवेश्वर जैसे संतों के दिखाए रास्ते पर बढ़ रहे हैं, दूसरी तरफ भारत हाईटेक नॉलेज का हब बन रहा है।
  • >भारत प्राकृतिक खेती की मिलेट्स की परंपरागत फसलों को बढ़ा रहा है। नैनो यूरिया जैसी टेक्नोलॉजी का विकास भी किया। खेती के लिए इन्फ्रास्ट्रक्चर बढ़ा रहे हैं, ड्रोन टेक्नोलॉजी, सोलर पावर से किसान को ताकत दे रहे हैं। गांव के घरों की ड्रोन से मैपिंग की जा रही है। सैकड़ों आधुनिक वंदे भारत ट्रेनें लॉन्च की जा रही हैं। नदी-जल मार्ग और बंदरगाहों को भी आधुनिक बनाया जा रहा है।
  • >गुलामी के हर निशान और हर मानसिकता से मुक्ति के प्रयास लगातार चल रहे हैं। कभी जो राजपथ था, वो कर्तव्य पथ है। नेताजी सुभाष चंद्र बोस की प्रतिमा हर भारतीय को गौरवान्वित कर रही है। अंडमान निकोबार में भी हमने नेताजी को सम्मान किया। यहां आईलैंड नेताजी को समर्पित किया है। परमवीर चक्र विजेताओं के नाम पर 21 द्वीपों का नामकरण भी किया है।
  • >नेशनल वार मेमोरियल आज राष्ट्रीय शौर्य का प्रतीक है। नौसेना को शिवाजी महाराज का प्रतीक मिला है। भगवान बिरसा मुंडा जैसे स्वतंत्रता सेनानियों के संग्रहालय बन रहे हैं। हर प्रधानमंत्री के योगदान को दिखाने वाला प्रधानमंत्री संग्रहालय बनाया गया है।
  • >मेड इन इंडिया और आत्मनिर्भर भारत का लाभ मिल रहा है। मैन्युफैक्चरिंग कैपेसिटी बढ़ रही है। भारत में ही सेमी कंडक्टर चिप से लेकर हवाई जहाज के निर्माण की कोशिश कर रहे हैं। निर्यात दर बढ़ रही है। पहले हम बड़ी संख्या में मोबाइल आयात करते थे, आज भारत बड़ा निर्यातक बन चुका है।

precident

  • >देश में खिलौनों के आयात में 70 फीसदी की कमी आई है, निर्यात 60 फीसदी तक बढ़ गया है। हमारी सेना में आज आईएनएस विक्रांत के रूप में पहला एयरक्राफ्ट करियर भी शामिल हुआ है।
  • खादी ग्रामोद्योग का टर्नओवर एक लाख करोड़ से ज्यादा हो चुका है। बिक्री चार गुना बढी है। 2015 से भारत ग्लोबल इनोवेशन इंडेक्स पर 81वें स्थान पर था, अब 40वें पर हैं। भारत में कुछ सौ रजिस्टर्ड स्टार्टअप थे, अब संख्या 90 हजार है।
  • >अग्निवीर योजना लाए हैं हम युवाओं के लिए। खेलों के जरिए भी युवाओं ने अपने आपको साबित किया है। प्रतिभाएं खोजने के लिए खेलो इंडिया गेम्स, सेंटर्स स्कीम शुरू की गई है।
  • >देश के विकास के लिए सरकार जिस गति से काम कर रही है, वो अभूतपूर्व है। गरीबों के लिए हर रोज 11 हजार घर बने हैं। हर रोज ढाई लाख लोग ब्रॉडबैंड से जुड़े। 55 हजार से ज्यादा गैस कनेक्शन दिए। 700 करोड़ का लोन दिया गया। हर महीने एक मेडिकल कॉलेज बना है। हर दिन 2 कॉलेज की स्थापना हुई है। हर हफ्ते एक यूनिवर्सिटी बनी है।
  • >2 साल में भारत ने 220 करोड़ से ज्यादा वैक्सीन की डोज दी है। 2004 से 2014 के बीच 145 मेडिकल कॉलेज खुले थे। 2014 से 2022 तक 260 से ज्यादा मेडिकल कॉलेज खोले हैं। मेडिकल छात्रों की संख्या दोगुनी हो चुकी है। 2014 से पहले 725 विश्वविद्यालय थे। 8 साल में 300 से ज्यादा विश्वविद्यालय बने। 5 हजार से ज्यादा कॉलेज खोले गए हैं।
  • >ग्राम सड़क योजना में 2014 3.81 लाख किलोमीटर बनी थी। 8 साल में ये नेटवर्क 7 लाख किलोमीटर से ज्यादा हो गया है। 99 फीसदी से ज्यादा बस्तियां सड़कों से जुड़ चुकी हैं।
  • >आज दुनिया अनेक चुनौतियों से गुजर रही है। अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं के प्रभाव पर प्रश्न उठ रहे हैं। भारत आज विभाजित दुनिया को किसी ना किसी तरह से जोड़ रहा है। ग्लोबल सप्लाई की चेन को भारत मजबूत कर रहा है। दुनिया भारत की ओर उम्मीद से देख रहा है। इस साल हम जी-20 का नेतृत्व कर रहे हैं।
  • >वन अर्थ-वन फैमिली-वन फ्यूचर के मंत्र के साथ हम चुनौतियों का समाधान खोज रहे हैं। भारत के वैश्विक रिश्तों का बेहतरीन दौर है। हमने राष्ट्रहित सर्वोपरि रखकर भूमिका का विस्तार किया।
  • >अफगानिस्तान भूकंप हो या श्रीलंका संकट हम सबसे पहले मानवीय सहायता लेकर पहुंचे। संकट में फंसे अपने नागरिकों को हम अफगानिस्तान और यूक्रेन से सुरक्षित लेकर आए। भारत ने कई अन्य देशों के नागरिकों की भी मदद की।
  • >आतंकवाद के खिलाफ भारत की आवाज हर मंच पर सुनी जा रही है। UN में भारत ने आतंकवाद पर अपनी भूमिका को साफ किया। साइबर सिक्योरिटी की चिंताओं को भी सरकार दुनिया के सामने रख रही है। सैन्य शक्ति के आधुनिकीकरण पर हम जोर दे रहे हैं। लोकतंत्र की जननी के रूप में भारत की अनंत यात्रा गौरव से भरी है। हमने लोकतंत्र को मानवीय संस्था के तौर पर विकसित किया। आने वाले सालों में भी भारत गतिमान रहेगा। आगे भी लोकतंत्र सशक्त होगी।
  • >भारत का ज्ञान विज्ञान और अध्यात्म सदियों से दुनिया को रास्ता दिखा रहा है और आने वाले सदियों में भी ऐसा ही करेगा। भारत के आदर्श और मूल्य गुलामी के दौर में भी अटूट रहे और आगे भी अटूट रहेंगे। राष्ट्र के रूप में भारत की पहचान अतीत में भी अमर थी और आगे भी अमर रहेगी।
  • >हमारा प्रयास होना चाहिए कि हम मुश्किल लगने वाले लक्ष्य तय करें और हासिल करें। जो कल होना है, उसे आज हासिल करने की कोशिश करें। जो दूसरा बाद में करने की कोशिश कर रहा है, उसे हम आज करें।
  • >हम उस वेद वाक्य को आत्मसात करें, जिसमें कहा गया है- हम सब एक साथ कदम से कदम मिलाकर चलें, संकल्प में एकता का प्रवाह हो और अंत:करण जुड़े हों। राष्ट्र निर्माण के महायज्ञ में कर्तव्य पथ पर चलते हुए संविधान की शपथ को पूरा करें।
  • ministery of finance
  • सीतारमण ने आर्थिक सर्वे पेश किया, बजट कल
    राष्ट्रपति के अभिभाषण के बाद दोपहर करीब एक बजे वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सदन में इकोनॉमिक सर्वे पेश किया। कल यानी 1 फरवरी को बजट पेश होगा। यह लोकसभा चुनाव से पहले मोदी सरकार का अंतिम पूर्ण बजट है। मोदी सरकार साल 2014 से अब तक कुल 9 बजट पेश कर चुकी है और यह उसका 10वां बजट है।

    आर्थिक सर्वे से पता चलता है कमाई-खर्च का हिसाब
    जिस तरह से मिडिल क्लास परिवारों में हिसाब-किताब के लिए डायरी बनाई जाती है, जिससे महीने या साल के आखिर में पता चलता है कि कितना कमाया, कितना बचाया और कहां-कितना खर्च हुआ और आगे के खर्चों का अनुमान लगाया जाता है, ठीक वैसे ही इकोनॉमिक सर्वे देश की आर्थिक हालत का लेखा-जोखा होता है।

    एक साल में सरकार ने कितना पैसा जमा किया और कहां-कहां खर्च किया, इसका ब्योरा इकोनॉमिक सर्वे में रहता है। इससे देश की इकोनॉमी की हालत पता चलती है और कई संभावनाओं को ध्यान में रखकर अगले साल के खर्चों का एक अनुमान तैयार किया जाता है। आसान शब्दों में कहें तो इकोनॉमिक सर्वे में बीते साल का हिसाब-किताब और आने वाले साल के लिए सुझाव, चुनौतियां और समाधान का जिक्र रहता है।

Share via
Share via