रांची से लापता दो मासूम बच्चों की सुरक्षित बरामदगी: पुलिस की भूमिका पर बाबूलाल मरांडी ने उठाए सवाल
झारखंड की राजधानी रांची के धुर्वा इलाके से 2 जनवरी को लापता हुए दो छोटे भाई-बहन, 5 वर्षीय अंश कुमार राय और 4 वर्षीय अंशिका कुमारी, 13 दिनों बाद 14 जनवरी 2026 को रामगढ़ जिले के चितरपुर प्रखंड के पहाड़ी इलाके से सकुशल बरामद कर लिए गए। पुलिस ने इस ऑपरेशन में दो अपहरणकर्ताओं (एक दंपति) को गिरफ्तार किया है और बच्चों को उनके परिजनों के सुपुर्द कर दिया है। इस खबर से पूरे राज्य में राहत की लहर दौड़ गई है।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!झारखंड पुलिस ने अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस सफलता का श्रेय लिया और डीजीपी तदाशा मिश्रा ने टीम की मेहनत की सराहना की। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने भी प्रशासन की तारीफ की। हालांकि, भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष एवं वर्तमान नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने इस मामले में बजरंग दल के कार्यकर्ताओं की निर्णायक भूमिका पर जोर देते हुए पुलिस पर श्रेय लेने की कोशिश का आरोप लगाया है।
बाबूलाल मरांडी का बयान
बाबूलाल मरांडी ने कहा कि पिछले 12 दिनों से बच्चों की तलाश में पुलिस ने कड़ी मेहनत की, जिससे जानकारी गांव-गांव तक फैली और लोग सक्रिय हुए। लेकिन अंततः बजरंग दल के युवाओं ने ही बच्चों को ढूंढ निकाला। उन्होंने रामगढ़ के चितरपुर से बजरंग दल के कार्यकर्ताओं।सचिन प्रजापति (चितरपुर समिति संयोजक), डबलु साहु, सन्नी और उनके साथियों की बहादुरी की तारीफ की।
मरांडी ने कहा “बजरंग दल के युवाओं ने जिस दिलेरी से बच्चों को बरामद किया, वह काबिल-ए-तारीफ है। तस्वीरें आपके सामने हैं… पुलिस ने अपनी पीठ थपथपा ली, लेकिन इन युवाओं को एक शब्द भी प्रोत्साहन नहीं दिया। अब श्रेय लेने की होड़ मचेगी।”
उन्होंने पुलिस से अपील की कि वह अपनी गलती सुधारते हुए इन बजरंग दल कार्यकर्ताओं को बुलाकर सम्मानित करे, ताकि भविष्य में भी लोग ऐसी मदद के लिए आगे आएं। उन्होंने इसे “दलाल संस्कृति” करार देते हुए कहा कि दूसरों की मेहनत को नजरअंदाज करना निंदनीय है। मरांडी ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से भी आग्रह किया कि वे सही जानकारी लेकर अपने सोशल मीडिया पोस्ट में संशोधन करें और असली नायकों को सम्मान दें।
उन्होंने कहा कि अगर ऐसा नहीं होता है, तो मान लिया जाएगा कि यह व्यवस्था संवेदनहीन थी, है और रहेगी। पुलिस के उच्च अधिकारियों द्वारा इन बातों का ख्याल न रखा जाना निंदनीय और शर्मनाक है।
















