मासूम भाई-बहन लापता मामला :भाजपा सांसद आदित्य साहू पीड़ित परिवार से मिले , कानून व्यवस्था पर साधा निशाना

 मासूम भाई-बहन लापता मामला :भाजपा सांसद आदित्य साहू पीड़ित परिवार से मिले , कानून व्यवस्था पर साधा निशाना

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मासूम भाई-बहन लापता मामला :भाजपा सांसद आदित्य साहू पीड़ित परिवार से मिले , कानून व्यवस्था पर साधा निशाना

 मासूम भाई-बहन लापता मामला :भाजपा सांसद आदित्य साहू पीड़ित परिवार से मिले , कानून व्यवस्था पर साधा निशाना

मासूम भाई-बहन लापता मामला : BJP के राज्यसभा सांसद एवं झारखंड प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष आदित्य साहू ने शुक्रवार को पीड़ित परिवार से मुलाकात की। उन्होंने गहरी संवेदना जताई और हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया।परिजनों से बातचीत के बाद साहू ने राज्य सरकार  पुलिस पर तीखा हमला बोला:”झारखंड में अपराधी बेलगाम हो चुके हैं, पुलिस ‘मस्त’ बनी हुई है।”
“घटना को कई दिन बीत गए, लेकिन मुख्यमंत्री या कोई सरकारी प्रतिनिधि परिवार से नहीं मिला।”
“अगर बच्चे किसी विशेष समुदाय से होते, तो पूरी सरकार मौके पर पहुंचती, मुआवजा घोषित करती। गरीब परिवार होने के कारण सरकार असंवेदनशील है।”
“राजधानी के बीचों-बीच, जहां विधानसभा, प्रोजेक्ट भवन और हाईकोर्ट नजदीक हैं, वहां मासूम बच्चे सुरक्षित नहीं — यह कानून-व्यवस्था की पूरी पोल खोलता है।”

साहू ने कहा कि भाजपा सड़क से सदन तक इस लापरवाही और असंवेदनशीलता के खिलाफ संघर्ष करेगी।इसके अलावा, केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ और हटिया विधायक नवीन जायसवाल ने भी परिवार से मुलाकात की और बच्चों की जल्द बरामदगी का आश्वासन दिया।

अंश -अंशिका अपरहरण मामला ?

धुर्वा थाना क्षेत्र के जगन्नाथपुर मौसीबाड़ी खटाल के पास 2 जनवरी को दो छोटे मासूम भाई-बहन — 5 वर्षीय अंश कुमार और 4 वर्षीय अंशिका कुमारी — घर से पास की दुकान पर बिस्किट लेने निकले थे, लेकिन अब तक वे घर नहीं लौटे। घटना को 9 दिन बीत चुके हैं, लेकिन पुलिस की तमाम कोशिशों के बावजूद बच्चों का कोई ठोस सुराग नहीं मिल पाया है।

परिवार का दर्द

परिवार का दर्द देखकर दिल पसीज जाता है। पिता सुनील कुमार और मां नीतू कुमारी रोज-रोज रोते हुए गुहार लगा रहे हैं। मां नीतू ने मीडिया से बातचीत में कहा, “मेरे बच्चे लौटा दो… माँ रो-रोकर बेहोश हो रही है ”

छह  महीने पहले रांची आया था परिवार 

परिवार मात्र 6 महीने पहले बेहतर भविष्य और बच्चों की शिक्षा के लिए रांची आया था। वे दूध का व्यवसाय करते हैं और किसी से कोई दुश्मनी नहीं बताई जा रही है।

पुलिस जांच की स्थिति

रांची पुलिस ने मामले को अत्यंत गंभीरता से लिया है। विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया गया, जिसमें 4 IPS अधिकारी, 8 DSP और कुल 70-80 पुलिसकर्मी शामिल हैं।
जांच के लिए 8 टीमें गठित की गईं, जो बिहार (पटना-छपरा) से लेकर उत्तर प्रदेश (बनारस) तक तलाश कर रही हैं।
डॉग स्क्वॉड, फॉरेंसिक टीम और हाउस-टू-हाउस सर्च अभियान जारी है।
डॉग स्क्वॉड ने पास खड़ी एक ओमनी वैन तक पहुंचकर प्रतिक्रिया दी, जिसके मालिक से पूछताछ चल रही है।

शालीमार बाजार में एक सब्जी विक्रेता सूरज कुमार ने दावा किया कि घटना के दिन दोपहर 3-3:30 बजे बच्चों को वहां देखा था।

इनाम

पुलिस ने सुरक्षित बरामदगी के लिए 51 हजार रुपये का इनाम घोषित किया है।

 

 

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