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नेशनल हेराल्ड मामले में कांग्रेस के प्रदर्शन पर बाबूलाल मरांडी का तीखा हमला, पुलिस प्रशासन पर लगाया पक्षपात का आरोप

रांची : झारखंड भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने नेशनल हेराल्ड मामले में दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट के हालिया फैसले पर कांग्रेस पार्टी के प्रदर्शन को “मानसिक दिवालियापन” करार दिया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस अनर्गल प्रलाप कर भ्रष्टाचार को छिपाने की कोशिश कर रही है, जबकि पार्टी खुद भ्रष्टाचार की जननी, पोषक और संरक्षक है।

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मरांडी ने स्पष्ट किया कि राउज एवेन्यू कोर्ट ने सोनिया गांधी और राहुल गांधी को किसी भी तरह की क्लीन चिट नहीं दी है। कोर्ट ने केवल प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की मनी लॉन्ड्रिंग शिकायत पर संज्ञान लेने से इनकार किया है, क्योंकि यह निजी शिकायत पर आधारित थी न कि एफआईआर पर। मामला विचाराधीन है और ट्रायल जारी रहेगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह शुद्ध धोखाधड़ी का मामला है, जिसमें धारा 420 के तहत सात साल की सजा का प्रावधान है।

भाजपा नेता ने याद दिलाया कि इससे पहले सोनिया गांधी और राहुल गांधी हाईकोर्ट एवं सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटा चुके हैं, जहां उन्हें कोई राहत नहीं मिली। दोनों उच्च अदालतों ने मामले को प्रथम दृष्टया गंभीर मानते हुए याचिकाएं खारिज कर दीं। कांग्रेस द्वारा इसे राजनीतिक द्वेष से प्रेरित बताने के दावे को भी कोर्ट ने खारिज किया है।

मरांडी ने कहा कि नेशनल हेराल्ड की दिल्ली स्थित इमारत एक प्रमुख संपत्ति है, जिसे व्यावसायिक उपयोग के लिए लीज पर दिया गया था। यह करीब 2000 करोड़ रुपये की संपत्ति हड़पने का मामला है, जो खत्म नहीं हुआ है। कानून की नजर में दोषी बख्शे नहीं जाएंगे। उन्होंने कांग्रेस पर दोहरा मापदंड अपनाने का आरोप लगाया कि वही पार्टी उच्च अदालतों के फैसलों पर न्यायालय का विरोध करती है और अब राउज कोर्ट के फैसले पर जनता को गुमराह कर रही है।

कांग्रेस द्वारा भाजपा प्रदेश कार्यालय पर किए गए प्रदर्शन पर मरांडी ने पुलिस प्रशासन की भूमिका पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में धरना-प्रदर्शन का अधिकार है, लेकिन कांग्रेस नेताओं को पुलिस संरक्षण में भाजपा कार्यालय के गेट तक पहुंचने की अनुमति देना स्पष्ट रूप से पक्षपात है। पुलिस प्रशासन राज्य सरकार का “टूल किट” बन गया है। बैरिकेटिंग के बावजूद कांग्रेस कार्यकर्ताओं को आगे बढ़ने दिया गया, जिसके इशारे पर यह हुआ?

मरांडी ने चेतावनी दी कि यदि भाजपा कार्यकर्ताओं ने संयम नहीं बरता तो बड़ी घटना घट सकती थी। उन्होंने इस पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय जांच की मांग की और राज्य सरकार से ऐसे पुलिस अधिकारियों पर कार्रवाई करने को कहा।

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