बिहार विधानसभा चुनाव: दूसरे चरण का शोर थमा, 11 नवंबर को 20 जिलों की 122 सीटों पर मतदान
पटना : बिहार विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण की प्रचार गतिविधियां शनिवार रात को समाप्त हो गईं। अब सभी पार्टियों की नजरें 11 नवंबर को होने वाले मतदान पर टिकी हैं, जब राज्य के 20 जिलों में फैलीं 122 विधानसभा सीटों पर वोटिंग होगी।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!चुनाव आयोग के अनुसार, पहले चरण का मतदान 6 नवंबर को 121 सीटों पर शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो चुका है, जहां 65.08 प्रतिशत से अधिक मतदाताओं ने हिस्सा लिया, जो राज्य के इतिहास का उच्चतम मतदान प्रतिशत है। अब दूसरे चरण में पश्चिम चंपारण से लेकर भागलपुर तक के जिलों में मतदान होगा। कुल 1,302 उम्मीदवार मैदान में हैं, जिनमें प्रमुख पार्टियां जैसे एनडीए (बीजेपी-जेडीयू), महागठबंधन (आरजेडी-कांग्रेस) और अन्य शामिल हैं।
दूसरे चरण की प्रमुख सीटें और उम्मीदवार
दूसरे चरण में वोटिंग के लिए कुछ हाई-प्रोफाइल सीटें हैं, जहां कड़ा मुकाबला देखने को मिल सकता है:
जमुई: बीजेपी की श्रेयसी सिंह का सामना आरजेडी के मोहम्मद शमशाद आलम से।
अमरपुर (बांका): जेडीयू के मंत्री जयंत राज कुशवाहा बनाम कांग्रेस के उम्मीदवार।
तरारी: आरजेडी की लेशी सिंह, जो 2020 में बड़ी जीत हासिल कर चुकी हैं।
करगहर (रोहतास): जन सुराज पार्टी के भोजपुरी गायक रितेश पांडेय।
लौरिया (पश्चिम चंपारण): सबसे अमीर उम्मीदवार रण कौशल प्रताप सिंह (वीआईपी)।
ये सीटें जातिगत समीकरणों और विकास मुद्दों पर केंद्रित हैं। विपक्ष ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) पर विवाद उठाया है, जबकि सत्ताधारी गठबंधन विकास कार्यों का श्रेय ले रहा है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, राहुल गांधी और सीएम नीतीश कुमार जैसे नेताओं ने हाल ही में रैलियां कीं, जहां बेरोजगारी, प्रवासन और घुसपैठिए जैसे मुद्दे छाए रहे। एनडीए ने पहले चरण में बढ़त का दावा किया है, जबकि महागठबंधन पूर्ण बहुमत की उम्मीद जता रहा है।
चुनाव आयोग ने पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए हर बूथ पर पर्यवेक्षक नियुक्त किए हैं। मतदाताओं से अपील की गई है कि वे बढ़-चढ़कर हिस्सा लें। बिहार की सियासत में यह चरण निर्णायक साबित हो सकता है।

















