जमशेदपुर बंद पर भाजपा का दावा: जनता ने हेमंत सरकार के अहंकार को तोड़ा, कानून-व्यवस्था पर उठाए सवाल

रांची: भाजपा ने जमशेदपुर और आदित्यपुर बंद को ऐतिहासिक जनसमर्थन मिलने का दावा करते हुए राज्य की कानून-व्यवस्था पर हेमंत सरकार को घेरा है। प्रदेश महामंत्री अमर कुमार बाउरी ने कहा कि बंद पूरी तरह स्वत:स्फूर्त रहा और जनता ने सरकार के खिलाफ अपना आक्रोश व्यक्त किया।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!रांची स्थित प्रदेश भाजपा कार्यालय में आयोजित प्रेसवार्ता में अमर कुमार बाउरी ने कहा कि प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू के आह्वान पर बुलाए गए बंद में दुकानदारों, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों, कंपनियों और आम लोगों ने व्यापक सहयोग किया। उन्होंने दावा किया कि यह सिर्फ भाजपा का आंदोलन नहीं, बल्कि आम जनता का प्रतिरोध था।
बाउरी ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार इस मामले को दूसरी दिशा देने की कोशिश कर रही है, लेकिन जनता ने उसे खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि जमशेदपुर की हालिया घटना और उसमें पुलिस की भूमिका की पूरी जिम्मेदारी राज्य सरकार की है। दोषियों पर कार्रवाई करने के बजाय निर्दोषों को फंसाने का प्रयास नहीं होना चाहिए।
कानून-व्यवस्था पर सरकार को घेरा
भाजपा नेता ने कहा कि झारखंड में कानून-व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है और जमशेदपुर अपराध का केंद्र बनता जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्ष 2019 से राज्य में अपराध और अवैध कारोबार को बढ़ावा मिला है, जिससे पुलिस व्यवस्था की साख कमजोर हुई है और ईमानदार पुलिसकर्मियों का मनोबल भी प्रभावित हुआ है।
नशे के कारोबार पर भी लगाए गंभीर आरोप
अमर कुमार बाउरी ने दावा किया कि झारखंड में ड्रग्स और ब्राउन शुगर का अवैध कारोबार तेजी से बढ़ा है और युवा इसकी गिरफ्त में आ रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में नशे के बड़े सिंडिकेट सक्रिय हैं और सरकार इस पर प्रभावी कार्रवाई करने में विफल रही है।
पुलिसकर्मियों पर हत्या का मुकदमा दर्ज करने की मांग
भाजपा ने जमशेदपुर की घटना में मौजूद पुलिसकर्मियों पर हत्या का मुकदमा दर्ज करने की मांग दोहराई। बाउरी ने आरोप लगाया कि पुलिस ने अपने कर्तव्य के निर्वहन में लापरवाही बरती और घायल युवक को समय पर इलाज नहीं मिला। उनका दावा है कि यदि पुलिस ने समय रहते कार्रवाई की होती तो युवक की जान बचाई जा सकती थी।
प्रेसवार्ता में प्रदेश मीडिया प्रभारी योगेंद्र प्रताप सिंह, प्रदेश प्रवक्ता रमाकांत महतो, दीनदयाल बरनवाल और रवि नाथ किशोर भी मौजूद रहे।
















