बोकारो थर्मल पावर प्लांट की चिमनी ढहाई गई, सौर ऊर्जा की ओर कदम
बोकारो जिले के बोकारो थर्मल पावर स्टेशन (बीटीपीएस) के बंद पड़े बी प्लांट की एक चिमनी को नियंत्रित विस्फोट के जरिए ढहा दिया गया। 275 मीटर (लगभग 800 फीट) ऊंची इस चिमनी को विशेषज्ञों की निगरानी में बारूद का उपयोग कर गिराया गया, ताकि ऑक्शन में बिके इसके अवशेषों को आसानी से हटाया जा सके। बीटीपीएस की दो अन्य चिमनियों को भी भविष्य में गिराने की योजना है।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!दामोदर घाटी निगम (डीवीसी) द्वारा संचालित यह कोयला-आधारित बिजली संयंत्र 1953 में स्थापित हुआ था और भारत के शुरुआती बिजली संयंत्रों में से एक माना जाता है। हालांकि, प्रदूषण मानकों को पूरा न करने के कारण इसके बी प्लांट की दो नंबर यूनिट को पहले ही बंद किया जा चुका है। इस प्लांट से बिजली उत्पादन भी लंबे समय से बंद है और इसके उपकरणों का ऑक्शन पहले ही हो चुका है।
अब बीटीपीएस को नया जीवन देने की तैयारी है। इसे सौर ऊर्जा से संचालित करने की योजना पर काम चल रहा है, जो स्वच्छ और टिकाऊ ऊर्जा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम होगा।

















