बहन की डोली के बदले उठा भाई का अर्थी.
सिमडेगा : आर्थिक तंगी से जूझते अपने परिवार की डूबती नैया को अपनी मेहनत के बल पल संभालने वाला 24 वर्षीय हंसमुख युवक सौरभ केलाघाघ डैम में कूद कर अपनी जान दे दी। हंसमुख स्वभाव और परिवार की स्थिति सुधारने की जुनून रखने वाला सौरभ क्यों डैम में कूद कर अपनी जान दे दी। अभी तक ये साफ नहीं हो सका? परिवारिक सदस्य बताते हैं उस की छोटी बहन का तिलक चढ़ाने पटना गया हुआ था। हालांकि इसमें सौरभ को भी जाना था सौरभ पिक आप माल गाड़ी चला कर परिवार की आर्थिक स्थिति को संभालने का प्रयास कर रहा था । जबकि उसका भाई एक ज्वेलरी की दुकान में काम कर परिवार को साथ मिलकर संभाल रहे थे।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!इनकी एक बड़ी बहन भी है जिसकी मानसी की स्थिति अच्छी नहीं है। जानकारी के अनुसार सौरभ शुक्रवार शाम चार बजे अपनी बहन छोटी जो गया मौसी के घर गयी हुई है, उसे फोन कर कहा कि विडियो काॅल करो तेरा चेहरा देखना है। जब उसकी बहन ने विडियो काॅल किया तब उस वक्त सौरभ केलाघाघ डैम के पास बैठा नजर आया। वह एकटक बिना कुछ बोले बहन का चेहरा देखता रहा। और उसने फोन काट कर डैम में छलांग लगा दी। उसी वक्त केलाघाघ घुमने पंहुची कुछ महिलाओं ने सौरभ को डैम में छलांग मारता देख तुरंत वहां मौजुद टीओपी को इसकी सुचना दी। टीओपी प्रभारी ने तुरंत डैम की तरफ दौड़ लगाई। लेकिन तब तक सौरभ डैम की अथाह गहराई में खो चुका था । हालांकि घटना के पीछे प्रेम प्रसंग का मामला को भी देखा जा रह हैं ।
घटना की जानकारी होने पर सदर थाना प्रभारी दयानंद कुमार तुरंत घटनास्थल पंहुचे और छानबीन शुरू कर दी लेकिन शव निकालने की दिशा में कोई कामयाबी हाथ नहीं लगी। कुछ देर में पुलिस अधीक्षक डाॅ शम्स तब्रेज और एसडीपीओ राजकिशोर भी घटनास्थल पंहुचे। पुलिस अधीक्षक ने स्थिति को भांपते हुए एनडीआरएफ की टीम से बात की। एनडीआरएफ की टीम ने अहले सुबह सिमडेगा पंहुच कर सौरभ के शव को निकालेगी। पुलिस अधीक्षक डॉक्टर शम्स तबरेज स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं वहीं परिजनों का भी बुरा हाल है। जबकि मामले की सूचना फैलते ही जिले वासियों भी डैम की ओर जाकर सौरभ के शव को देखने को व्याकुल नजर आए।
सिमडेगा, शम्भू कुमार सिंह

















