चमोली के नंदानगर में बादल फटने से भारी तबाही, 7 लोग लापता, 2 को बचाया गया
उत्तराखंड में लगातार हो रही भारी बारिश ने एक बार फिर कहर बरपा दिया है। देहरादून के बाद अब चमोली जिले के नंदानगर क्षेत्र में बुधवार देर रात करीब 2:30 बजे बादल फटने की घटना ने पूरे इलाके को हिला दिया। फाली कुंतरी, सैंती कुंतरी, भैंसवाड़ा और धुर्मा गांवों के ऊपरी हिस्सों पर हुई इस आपदा से मलबा और सैलाब ने भारी तबाही मचाई।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!प्रारंभिक रिपोर्ट्स के अनुसार, मलबे की चपेट में आने से कुल 12 मकान पूरी तरह ध्वस्त हो गए। खासतौर पर कुंतरी लंगाफली वार्ड में 6 घरों का नामोनिशान मिट गया, जबकि धुर्मा गांव में भी 5-6 घर बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए। इस हादसे में 7 लोग लापता बताए जा रहे हैं, जिनमें महिलाएं और बच्चे शामिल हो सकते हैं। राहत कार्यों में एसडीआरएफ (SDRF) और स्थानीय प्रशासन की टीमें जुटी हुई हैं। अब तक 2 लोगों को जीवित निकाल लिया गया है।
बुधवार रात को अचानक तेज बारिश के साथ बादल फटने से पहाड़ी क्षेत्रों से भारी मात्रा में मलबा और पानी नीचे की ओर बहा। नंदानगर घाट क्षेत्र में मोक्षगंगा नदी उफान पर आ गई, जिससे आसपास के इलाके जलमग्न हो गए। स्थानीय निवासियों ने बताया कि रात के अंधेरे में घटना होने से लोग घबरा गए और कई परिवार सड़कों पर शरण लेने को मजबूर हो गए। बेघर हुए लोगों को अस्थायी राहत शिविरों में स्थानांतरित किया जा रहा है।
एसडीआरएफ की दो टीमें घटनास्थल पर पहुंचीं और मलबे में दबे लोगों को निकालने का प्रयास कर रही हैं। वहीं प्रभावित परिवारों को भोजन, पानी और चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। बेघर लोगों के लिए स्कूलों और सामुदायिक भवनों को राहत केंद्र बनाया गया है। बता दें कि सड़कें क्षतिग्रस्त होने से नंदानगर और आसपास के इलाकों का संपर्क कट गया है। बिजली-पानी की आपूर्ति भी प्रभावित हुई है।

















