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मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की दावोस यात्रा पर BJP नेता प्रतुल शाह देव ने की तीखी आलोचना

रांची: भारतीय जनता पार्टी (BJP) के प्रदेश प्रवक्ता प्रतुल शाह देव ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की हालिया दावोस यात्रा (विश्व आर्थिक मंच) पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने दावा किया कि यह यात्रा निवेश लाने के बजाय महज एक पर्यटन और प्रचार वाली यात्रा साबित हुई है, जिसमें झारखंड को कोई ठोस नया निवेश नहीं मिला।

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प्रतुल शाह देव ने कहा कि दावोस में भारत के कई मुख्यमंत्री अपने राज्यों के लिए बड़े निवेश समझौते (MoUs) लेकर लौटे। उदाहरण के तौर पर महाराष्ट्र सरकार ने लगभग 14-15 लाख करोड़ रुपये के निवेश MoUs पर हस्ताक्षर किए। तेलंगाना ने करीब 29,000 करोड़ रुपये के ठोस निवेश करार किए, जिसमें डेटा सेंटर, AI, ग्रीन एनर्जी और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर शामिल हैं। लेकिन झारखंड के हिस्से में एक भी नया बड़ा निवेश समझौता नहीं आया। उन्होंने टाटा स्टील के साथ हुए समझौते को पुरानी योजनाओं की री-पैकेजिंग करार दिया।

प्रतुल शाहदेव ने कहा कि झारखंड सरकार जिसे उपलब्धि बता रही है, वह टाटा स्टील का ग्रीन स्टील समझौता कोई नया निवेश नहीं है। यह पहले से स्वीकृत और घोषित परियोजनाओं—जैसे जमशेदपुर प्लांट का आधुनिकीकरण, खनन लीज, कैप्टिव माइंस और पूर्व में मंजूर विस्तार योजनाओं की री-पैकेजिंग मात्र है।

प्रतुल शाहदेव ने उन्होंने जोर देकर कहा कि नई यूनिट की कोई घोषणा नहीं हुई। नई स्टील प्लांट क्षमता या नई लोकेशन की जानकारी नहीं दी गई। MoU की राशि, समय-सीमा और संभावित रोजगार के आंकड़े तक सार्वजनिक नहीं किए गए, जो कई सवाल खड़े करता है।

प्रतुल शाह देव ने व्यंग्य किया कि मुख्यमंत्री को सिर्फ वे देश भाते हैं जो।पर्यटन के लिहाज से सर्वोत्तम हैं स्वीडन, स्पेन के बाद बर्फबारी के मौसम में स्विट्जरलैंड की वादियां।

उन्होंने कहा कि भाजपा इसे “पुराने निवेश को नई पैकेजिंग में बेचने की कोशिश” मानती है। झारखंड का युवा रोजगार और उद्योग चाहता है, लेकिन मुख्यमंत्री दावोस से निवेश नहीं, सिर्फ प्रचार लेकर लौटे हैं।

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