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रामगढ़ में कोयला खदान हादसा: CCL के चार अधिकारियों पर लापरवाही के लिए प्राथमिकी दर्ज

रामगढ़ में कोयला खदान हादसा: CCL के चार अधिकारियों पर लापरवाही के लिए प्राथमिकी दर्ज

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रामगढ़ : आकाश

रामगढ़, झारखंड: झारखंड के रामगढ़ जिले के कुजू क्षेत्र में सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड (CCL) की कर्मा परियोजना में 4 जुलाई 2025 की देर रात हुए भीषण खदान हादसे में चार लोगों की मौत और कई अन्य के घायल होने की घटना के बाद जिला प्रशासन ने सख्त कार्रवाई की है। इस हादसे के लिए लापरवाही का आरोप लगाते हुए CCL के चार वरिष्ठ अधिकारियों—कुजू क्षेत्र के महाप्रबंधक (GM) आर.के. सिन्हा, परियोजना अधिकारी, कर्मा माइंस के प्रबंधक, और सुरक्षा अधिकारी—के खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज की गई है।

पुलिस के अनुसार, यह हादसा अवैध कोयला खनन के दौरान हुआ, जब कर्मा परियोजना की एक बंद पड़ी खदान का हिस्सा ढह गया। हादसे में चार ग्रामीणों—मोहम्मद इम्तियाज, रामेश्वर मांझी, वकील करमाली, और निर्मल मुंडा—की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि चार से छह अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हुए। घायलों का इलाज विभिन्न अस्पतालों में चल रहा है, जिनमें से दो की हालत नाजुक बताई जा रही है।

ग्रामीणों का आक्रोश, मुआवजे की मांग
हादसे के बाद स्थानीय ग्रामीणों और झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) कार्यकर्ताओं ने CCL प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कर्मा परियोजना कार्यालय के सामने प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने मृतकों के परिजनों के लिए 20 लाख रुपये और घायलों के लिए 5 लाख रुपये मुआवजे की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि खदान में पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था और बैरिकेटिंग की कमी के कारण यह हादसा हुआ। उनका आरोप है कि CCL द्वारा डायरेक्टरेट जनरल ऑफ माइंस सेफ्टी (DGMS) के दिशा-निर्देशों का पालन नहीं किया गया।

अवैध खनन और लापरवाही का आरोप
रामगढ़ के एसडीएम अनुराग तिवारी ने बताया कि यह हादसा CCL की सीमा में अवैध खनन के दौरान हुआ। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि बंद खदान में कोयला माफिया सक्रिय थे, और प्रबंधन की लापरवाही के कारण ग्रामीणों को खतरनाक क्षेत्र में प्रवेश का मौका मिला। रामगढ़ के पुलिस अधीक्षक (SP) अजय कुमार ने कहा कि CCL के पास अवैध गतिविधियों को रोकने के लिए सुरक्षा कर्मी मौजूद हैं, लेकिन इस मामले में उनकी विफलता स्पष्ट है।

प्रशासन की कार्रवाई और जांच
जिला प्रशासन ने हादसे के कारणों और अवैध खनन के नेटवर्क की जांच शुरू कर दी है। CCL को पहले ही कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था, और अब प्राथमिकी दर्ज होने के बाद दोषी अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। झारखंड मुक्ति मोर्चा के नेता रमेश मुंडा ने इसे “आपराधिक लापरवाही” करार देते हुए सरकार से उच्चस्तरीय जांच की मांग की है।

ग्रामीणों और मजदूर संगठनों ने भविष्य में ऐसे हादसों को रोकने के लिए खदानों में सुरक्षा बलों की तैनाती, बैरिकेटिंग, और DGMS दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने की मांग की है।

गौरतलब है की रामगढ़ प्रशासन ने बचाव कार्य पूरा होने की पुष्टि की है, और अब हादसे के कारणों की गहन जांच की जा रही है। इस मामले में आगे की कार्रवाई और मुआवजे पर निर्णय जल्द होने की उम्मीद है।

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