मजदूर संगठनों का 9 जुलाई को देशव्यापी हड़ताल: मजदूरों की आवाज बुलंद, सरकार से 17 मांगें

मजदूर संगठनों का 9 जुलाई को देशव्यापी हड़ताल: मजदूरों की आवाज बुलंद, सरकार से 17 मांगें

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मजदूर संगठनों का 9 जुलाई को देशव्यापी हड़ताल: मजदूरों की आवाज बुलंद, सरकार से 17 मांगें

देशभर के मजदूर संगठन, केंद्रीय ट्रेड यूनियनों और कर्मचारी फेडरेशनों ने मिलकर 9 जुलाई 2025 को देशव्यापी आम हड़ताल का ऐलान किया है। यह हड़ताल पहले 20 मई को प्रस्तावित थी, लेकिन हाल ही में पहलगाम में हुई दुखद घटना के बाद इसे स्थगित कर 9 जुलाई को तय किया गया। इस हड़ताल को संयुक्त किसान मोर्चा का भी समर्थन प्राप्त है।

क्यों हो रही है हड़ताल?
मजदूर संगठन केंद्र सरकार की उन नीतियों का विरोध कर रहे हैं, जो उनके अधिकारों को कमजोर कर रही हैं। खास तौर पर, सितंबर 2020 में पारित चार **श्रम संहिताएं (लेबर कोड्स)** मजदूरों के लिए सबसे बड़ा मुद्दा हैं। इन संहिताओं को बिना ठोस चर्चा के संसद में पास किया गया था, और मजदूरों का कहना है कि ये उनके हितों के खिलाफ हैं। हालांकि, मजदूरों के लगातार विरोध के कारण ये अभी तक पूरी तरह लागू नहीं हो पाई हैं, लेकिन केंद्र और कुछ राज्य सरकारें इन्हें चुपके-चुपके लागू करने की कोशिश कर रही हैं।

मजदूरों की 17 प्रमुख मांगें
हड़ताल के जरिए मजदूर निम्नलिखित मांगें उठा रहे हैं:
1. **श्रम संहिताओं को रद्द करें**: ये संहिताएं मजदूरों के हक, जैसे संगठित होने और हड़ताल करने के अधिकार, को कमजोर करती हैं।
2. **26,000 रुपये न्यूनतम वेतन**: हर मजदूर के लिए सम्मानजनक वेतन की गारंटी।
3. **ठेका प्रथा खत्म करें**: ठेका मजदूरों को स्थायी नौकरी और समान वेतन दें।
4. **सामाजिक सुरक्षा**: पेंशन, ग्रेच्युटी और अन्य लाभ सुनिश्चित करें।
5. **8 घंटे का कार्यदिवस**: 12 घंटे काम के प्रस्ताव का विरोध।
6. **निजीकरण पर रोक**: सरकारी कंपनियों और बैंकों को निजी हाथों में देने से रोकें।
7. **रोजगार सृजन**: बेरोजगारी कम करने के लिए ठोस कदम उठाएं।

हड़ताल की तैयारी और समर्थन
18 मार्च 2025 को हड़ताल की घोषणा के बाद से मजदूर संगठन देशभर में लोगों तक अपनी बात पहुंचा रहे हैं। रैलियां, सभाएं और जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं। इस हड़ताल को देश के सभी मजदूर वर्ग, किसान संगठनों और सामाजिक कार्यकर्ताओं का भारी समर्थन मिल रहा है।

कौन-कौन शामिल?
इस हड़ताल का नेतृत्व प्रमुख ट्रेड यूनियनें जैसे **INTUC, AITUC, CITU, AICCTU, HMS, AIUTUC, TUCC, और UTUC** कर रही हैं। ये संगठन एकजुट होकर मजदूरों के हक की लड़ाई लड़ रहे हैं।

आम जनता से अपील
मजदूर संगठनों का कहना है कि यह हड़ताल सिर्फ मजदूरों की नहीं, बल्कि हर उस व्यक्ति की लड़ाई है, जो मेहनत और सम्मान के साथ जीना चाहता है। वे आम जनता से इस हड़ताल का समर्थन करने और उनकी आवाज को बुलंद करने की अपील कर रहे हैं।

 

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