ट्रेड यूनियनों से परामर्श बिना लेबर कोड के नियम बनाना स्वीकार नहीं, श्रम भवन के बाहर प्रदर्शन

रांची : संयुक्त ट्रेड यूनियन मंच, झारखंड के आह्वान पर बुधवार को रांची स्थित श्रम भवन के समक्ष विभिन्न ट्रेड यूनियनों ने प्रदर्शन कर राज्य सरकार के खिलाफ विरोध जताया। प्रदर्शन के बाद उप श्रमायुक्त, रांची और श्रम आयुक्त, झारखंड के माध्यम से श्रम मंत्री एवं श्रम विभाग के सचिव के नाम ज्ञापन सौंपा गया।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!प्रदर्शन की अध्यक्षता शुभेंदु सेन ने की। वक्ताओं ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार की तर्ज पर झारखंड सरकार भी ट्रेड यूनियनों से बिना औपचारिक परामर्श किए लेबर कोड के नियम बनाने की प्रक्रिया आगे बढ़ा रही है। उनका कहना था कि यह कदम श्रमिकों के हितों के खिलाफ है और इससे उनके मौजूदा अधिकार प्रभावित हो सकते हैं।
संयुक्त ट्रेड यूनियन मंच ने ज्ञापन के माध्यम से मांग की कि लेबर कोड के किसी भी नियम का मसौदा तैयार करने या अधिसूचित करने से पहले सभी केंद्रीय ट्रेड यूनियनों और स्वतंत्र फेडरेशनों से औपचारिक चर्चा की जाए। साथ ही ऐसे प्रावधान सुनिश्चित किए जाएं, जिनसे श्रमिकों के वर्तमान अधिकार कमजोर न हों।
वक्ताओं ने चेतावनी दी कि यदि सरकार बिना परामर्श के श्रमिक विरोधी नियम लागू करने का प्रयास करती है तो संयुक्त ट्रेड यूनियन मंच राज्यव्यापी आंदोलन शुरू करेगा।
प्रदर्शन में सीटू, एटक, एआईसीसीटीयू, राज्य सरकारी कर्मचारी महासंघ, बेफी सहित मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव, बैंक, रेलवे, मेकॉन, एचईसी, सीसीएल, आईआईसीएम, राज्य सरकार के कर्मचारी, निर्माण और गिग क्षेत्र से जुड़े बड़ी संख्या में श्रमिक एवं यूनियन प्रतिनिधि शामिल हुए।
















