20210407 132800

कांग्रेस एन.एस.यू.आई के प्रदेश उपाध्यक्ष इंदरजीत सिंह ने मुख्यमंत्री से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा.

राँची : कांग्रेस छात्र संगठन एन.एस.यू.आई झारखंड प्रदेश उपाध्यक्ष इंदरजीत सिंह के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन जी से मुलाकात कर टेक्निकल यूनिवर्सिटी के विभिन्न मुद्दे एवं स्कॉलरशिप मामले को लेकर ज्ञापन दिया। विदित हो कि तकनीकी शिक्षा में पूर्वती सरकार द्वारा उत्पन कमियों के कारण झारखंड के छात्रों का भविष्य से खिलवाड़ किया जा रहा। तकनीकी शिक्षा संस्थानों में शिक्षक कर्मचारियों की घोर कमी के साथ साथ अन्य मूलभूत सुविधाएं जैसे लैब, लाइब्रेरी, परीक्षा, परिणाम से इसमे पढ़ने वाले छात्रों को वंचित रखा जा रहा।

WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now
Instagram Group Join Now
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!

तकनीकी शिक्षा संस्थानों को पी.पी.पी मोड़ पर चलाया जा रहा। इंदरजीत सिंह प्रदेश उपाध्यक्ष इंदरजीत सिंह ने कहा कि झारखंड के तकनीकी शिक्षा संस्थानों को पी.पी.पी मोड़ पर चलाया जा रहा है जिसके कारण यहां पढ़ने वाले छात्रों को इन संस्थानों में गुणवत्ता एवं प्रशासनिक जिम्मेवारी की घोर लापरवाही का सामना करना पड़ रहा।

झारखण्ड टेक्निकल यूनिवर्सिटी अधिनियम 2011 का हनन रोके सरकार-इंदरजीत सिंह। प्रदेश उपाध्यक्ष इंदरजीत सिंह ने कहा कि झारखंड के छात्रों को अच्छी तकनीकी शिक्षा से वंचित रखने के लिए पूर्वती सरकार द्वारा वर्ष 2018 में झारखंड प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय अधिनियम 2011 को संशोधित कर नए संशोधित नियम के द्वारा झारखंड टेक्निकल यूनिवर्सिटी में विहित सारी शक्तियो एवं कृत्यों का हनन कर झारखंड के छात्रों के भविष्य को ताक पर रख कर इसकी असिमता को सदैव के लिए मिटाने का प्रयास किया। जिस कारण आज विश्विद्यालय अपने ऐसे कई शक्तियों से वंचित रखा गया है जो पुनः इस विश्वविद्यालय में विहित कर दिया जाए तो झारखंड के छात्र छात्राओं के हिट में कई क्रांतिकारी बदलाव किए जा सकेंगे।

टेक्निकल यूनिवर्सिटी की नियमावली जल्द से जल्द दी जाए। टेक्निकल यूनिवर्सिटी की स्थापना 2015 में हुई थी. इसे ऑटोनोमस बनाया गया है. लेकिन दुर्भाग्य यह है कि अपनी स्थापना के 5 साल बाद भी इस विश्व विद्याल को अपनी नियमावली नहीं मिल पायी है. नियमावली ना होने से विवि में नियुक्त होने वाले कुलपतियों के हाथ बंधे होते हैं. क्या करना है, क्या नहीं करना है , के चक्कर मे महत्वपूर्ण निर्णय नहीं हो पाते। इतनी बड़ी यूनिर्वसिटी बगैर नियमावली फंक्शन कर रहा है।

टेक्निकल यूनिवर्सिटी कैंपस में आई.आई.आईं.टी के द्वारा कैंपस में जबरन कब्जा एवं लगाये गए बैरिकेटिंग को अविलंब हटाया जाए। एसटी, एससी,माइनॉरिटी एवं बैकवर्ड क्लास वेलफेयर मंत्रालय के ई कल्याण योजना द्वारा मिलने वाले छात्रवृत्ति का समय अवधि विस्तार किया जाए एवं पोर्टल कुछ दिनों के लिए फिर से खोल दिया जाए। सभी मुद्दों को सुनने के बाद मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि टेक्निकल यूनिवर्सिटी के मामले को लेकर विश्वविद्यालय के कुलपति के साथ बैठैक कर जल्द निर्णय लिया जाएगा एवं छात्रवृत्ति मामले में छात्र हिट में जल्द फैसला लिया जाएगा।

मौके पर झारखंड प्रदेश उपाध्यक्ष इंदरजीत सिंह, राष्ट्रीय सोशल मीडिया संयोजक आरुषि वंदनां, युवा नेता युवराज सिंह, टेक्निकल यूनिवर्सिटी अध्यक्ष प्रणव सिंह, उपाध्यक्ष अमन यादव, आकाश रजवार मौजूद थे।

Share via
Share via