cow taskari jharkhand

गाय तस्करी (cow smuggling):ओडिशा से झारखंड के रास्ते बंगाल तक बना गो तस्करी का नया कॉरिडोर !

गाय तस्करी (cow smuggling)

WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now
Instagram Group Join Now
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!

टैंकर में अब तक पेट्रोल डीजल मूवी या पेट्रोकेमिकल की धुलाई करते हैं आपने देखा होगा या सुना होगा लेकिन हम आज आपको एक ऐसे टैंकर से रूबरू कराते हैं जो पेट्रोल डीजल और पेट्रोल केमिकल नहीं बल्कि जानवर का तस्करी करता है देखने में टैंकर है लेकिन इसके अंदर का खेल लोगों को हैरान कर रहा है कथित तौर पर हिंदुस्तान पेट्रोलियम का टैंकर से खुलेआम दिन के उजाले में जानवरों की तस्करी हो रही हालांकि बागोड़ा पुलिस ने एक बड़ा खुलासा किया है आपको बता दें कि बहरागोड़ा पुलिस द्वारा 23 मवेशियों से लदे पेट्रोलियम टैंकर जिसका नंबर उड़ीसा का है वहीं पुलिस द्वारा इस टैंकर को जप्त करने के बाद चौंकाने वाले तथ्य का खुलासा हुआ है. मवेशियों की तस्करी के लिए मॉडिफाइड टैंकर बनवाए गए हैं. इन टैंकरों से पेट्रोलियम पदार्थ की ढुलाई नहीं होती है, बल्कि ओडिशा से मवेशियों की तस्करी पश्चिम बंगाल में की जाती है. फिलहाल पुलिस टैंकर चालक शेख मेराज से पूछताछ कर रही है. पुलिस ने ओडिशा के भद्रक पुराना बाजार निवासी चालक, टैंकर के मालिक, ओडिशा के बांबेचौकी निवासी सुजीत महंती और अक्षय पैकिरा के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है.

 

cow taskari

जानकारी के मुताबिक पुलिस से बचने के लिए पशु तस्करों ने खास किस्म के टैंकर बनवा रखे हैं. टैंकर के पिछले हिस्से को काट कर मवेशियों को चढ़ाने के लिए प्लेटफॉर्म और गेट बनवाए गए हैं. टैंकर पर हिंदुस्तान पेट्रोलियम लिखवाया गया है और उसका लोगो भी बनाया हुआ है. ज्ञात हो कि मवेशियों की तस्करी आमतौर पर ट्रक और कंटेनर में हुआ करती थी. परंतु, पुलिस द्वारा पशु तस्करी के खिलाफ चलाए गए अभियान में मवेशियों से लदे कई ट्रक और कंटेनर जब्त किए गए. समझा जाता है कि इसके बाद तस्करों ने पशु तस्करी को बखूबी अंजाम देने के लिए पेट्रोलियम टैंकरों का इस्तेमाल शुरू किया. इसके लिए पेट्रोलियम टैंकरों को मॉडिफाइड करवाया गया.
बहरागोड़ा पुलिस के द्वारा लगातार बड़े-बड़े कंटेनर से तस्करी करने के मामले को उद्भेदन किए जाने के बाद तस्करों के द्वारा टैंकर बाहन को पशु तस्करी का सुरक्षित उपाय समझा है ।

बहरागोड़ा थाना प्रभारी संतन तिवारी के द्वारा 2 अक्टूबर को रात में एक टेंपो से पशु तस्करी कर ले जाने के दौरान पुलिस के द्वारा जप्त किया गया था जिस पर टेंपो के चालक के बयान पर बहरागोड़ा से सटे पश्चिम बंगाल के चिंचड़ा निवासी शेख जुम्मन अंसारी को पशु पहुंचाने का बात को स्वीकार किया था तथा चालक के द्वारा बताया गया था कि शेख जुम्मन अंसारी के द्वारा गौ मांस की तस्करी किया जाता है ,वह इस धंधे का सरगना है।

पशु तस्करी:ओडिशा से झारखंड के रास्ते बंगाल तक बना गो तस्करी का नया कॉरिडोर

मवेशी तस्करों द्वारा ओडिशा से सिमडेगा, गुमला, खूंटी के रास्ते गोवंश की तस्करी के लिए नया कॉरिडाेर बनाया जा रहा है। पुलिस मुख्यालय ने राज्य के सभी एसपी और एसएसपी काे निर्देश दिया है कि यह मामला काफी गंभीर है, इसलिए राज्य के भीतर ऐसे सभी मामलाें में सघन जांच एवं निगरानी की जाए। साथ ही मवेशी तस्करों के खिलाफ विधि सम्मत कार्रवाई की जाए।

19 जुलाई काे पशु तस्करों ने रांची में दारोगा को वाहन से कुचल कर मार डाला था

19 जुलाई 2022 काे रांची के ही तुपुदाना ओपी के प्रभारी के पद पर तैनात महिला सब इंस्पेक्टर संध्या टोपनो की पशु तस्करों के वाहन से कुचल कर माैत हाे गई थी। सब-इंस्पेक्टर संध्या टोपनो उस रात वाहन चेकिंग कर रही थीं। इसी बीच तस्कर पिकअप वैन से अवैध रूप से पशु ले जा रहे थे। जब एसआई संध्या टोपनो ने उसे जांच के लिए रुकने का इशारा किया, तो पिकअप वैन चालक रोकने की बजाय एसआई को कुचलते हुए निकल गया। घायल महिला दाराेगा काे रिम्स ले जाया गया, जहां उनकी माैत हाे गई। पुलिस को सूचना मिली थी कि पशु तस्कर सिमडेगा से पिकअप वैन में तस्करी के लिए पशुओं को ले जा रहे हैं।

पुलिस आंकड़ों के मुताबिक 2016 से 2022 तक 2012 मामले दर्ज, 1307 में आराेप पत्र दाखिल

राज्य में 2020 से मई 2022 तक पशु तस्करी के कुल 871 मुकदमे विभिन्न जिलों में दर्ज किए गए। वहीं 1643 तस्करों को गिरफ्तार किया गया। जबकि 2016 से 2022 तक कुल 2012 कांड दर्ज किए गए। इनमें से 1307 कांडों में आराेप पत्र दाखिल किए गए।

Share via
Share via