डिजिटल अरेस्ट के बाद पुलिस के लिए एक नई फर्जी पत्रकार वाली चुनौती …जानिए क्या है मामला
डिजिटल अरेस्ट के बाद पुलिस के लिए एक नई फर्जी पत्रकार वाली चुनौती …जानिए क्या है मामला
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!
डिजिटल अरेस्ट तो आपने खूब सुना होगा । लेकिन अब यह पुराना हो गया है । अब एक नया तरीका अपनाया जा रहा है जो की और भी खतरनाक है । ऐसा ही एक मामला कर्नाटक के बेलगावी से आया है । जहां एक सरकारी महिला अधिकारी को फर्जी पत्रकार बनकर ब्लैकमेल करने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। तीन आरोपियों ने महिला के घर में छिपे हुए कैमरे लगाकर उनकी निजी जिंदगी रिकॉर्ड की और फिर 50 लाख रुपये की फिरौती मांगी। पुलिस ने सभी तीनों को गिरफ्तार कर लिया है।
घटना का विवरण
बेलगावी जिले में एक महिला सरकारी अधिकारी के घर में कुछ लोग खुद को पत्रकार पहुंचे। आरोप है कि उन्होंने महिला के घर में मौका पाकर हिडन कैमरे लगाए । इन कैमरों से अधिकारी के निजी क्षणों को रिकॉर्ड किया गया।कुछ दिनों बाद आरोपियों ने इन वीडियो और फोटोज का इस्तेमाल कर महिला को ब्लैकमेल करना शुरू किया। उन्होंने पहले 1 करोड़ रुपये की मांग की, जिसे बाद में घटाकर 50 लाख रुपये कर दिया। धमकी दी गई कि अगर पैसे नहीं दिए गए तो वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल कर दिए जाएंगे।
लगातार फोन कॉल्स और धमकियों से परेशान होकर महिला अधिकारी ने बेलगावी पुलिस कमिश्नर से शिकायत दर्ज कराई।
पुलिस कार्रवाई
मालामारुति पुलिस स्टेशन ने तुरंत मामला दर्ज किया और एक स्पेशल टीम गठित की। जांच में तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया।
आरोपियों के नाम हैं:समीर निसार अहमद शेख (32 वर्ष), जलाल गल्ली,
अब्दुल रशीद मकंदर (51 वर्ष),
मोहम्मद बालेकुंद्री (43 वर्ष),
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से निम्नलिखित सामान बरामद किया:6 हिडन कैमरे
3 एंड्रॉयड मोबाइल फोन
64 जीबी पेन ड्राइव
2 मेमोरी कार्ड
एक इनोवा कार
अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और वीडियो क्लिप्स
आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। पुलिस जांच कर रही है कि क्या यह कोई संगठित गिरोह है या पहले भी ऐसे मामले किए गए हैं। पुलिस अधिकारियों ने इस तरीके को बेहद खतरनाक और नया बताया है, जिससे वे भी हैरान हैं।
बढ़ती डिजिटल ब्लैकमेलिंग की चुनौती
यह मामला डिजिटल युग में प्राइवेसी के खतरे को एक बार फिर उजागर करता है। फर्जी पहचान बनाकर घर में घुसना और स्पाई कैमरे लगाना अब अपराधियों का नया हथकंडा बनता जा रहा है।
विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसी घटनाओं से बचने के लिए:अनजान लोगों को घर में एंट्री न दें, खासकर अगर वे किसी सर्वे या मीडिया से जुड़े होने का दावा करें।
घर की नियमित सिक्योरिटी चेक करें (बल्ब, चार्जर, सजावट आदि में छिपे कैमरे हो सकते हैं)।
यह घटना महिलाओं की सुरक्षा और प्राइवेसी के मुद्दे पर गंभीर सवाल खड़े करती है। पुलिस जांच जारी है और आगे के खुलासे होने की संभावना है।
















