फंगस संक्रमण से झारखण्ड में दर्जनों संक्रमित, कई की हुई मौत : संजय सेठ.

फंगस संक्रमण से झारखण्ड में दर्जनों संक्रमित, कई की हुई मौत : संजय सेठ.

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राँची : राँची के सांसद संजय सेठ ने ब्लैक और व्हाइट फंगस की दवाओं को उपलब्ध कराने को लेकर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री श्री हर्षवर्द्धन को पत्र लिखा है। लिखे पत्र में उन्होंने कहा है कि कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर में हमें कई समस्याओं का सामना करना पड़ा परन्तु आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के कुशल नेतृत्व व मार्गदर्शन में हम बेहतर प्रबंधन कर इन लहर के विरुद्ध लड़ाई लड़ रहे हैं। वर्तमान समय में कोरोना से संक्रमित होने के बाद अब नागरिकों और चिकित्सा जगत को एक नई समस्या का सामना करना पड़ रहा है।

उन्होंने कहा ब्लैक फंगस और व्हाइट फंगस (Mucormycosis) के नाम से एक नया संक्रमण सामने आया है। इसके कारण देशभर में लोगों को नए संकटों का सामना करना पड़ रहा है। हमारा राज्य झारखंड ब्लैक और व्हाइट फंगस (Mucormycosis) के संक्रमण से अछूता नहीं है। संक्रमण की इस नई समस्या से नागरिक तो परेशान हैं ही, चिकित्सा जगत के लिए भी यह नहीं परेशानी खड़ी कर रहा है। झारखंड के संदर्भ में बात करूं तो झारखंड में इससे संबंधित दवाएं भी उपलब्ध नहीं है। दवाओं की अनुपलब्धता के कारण संक्रमितों की संख्या बढ़ रही है और लोग असमय काल के गाल में समा रहे हैं। वर्तमान समय में झारखंड में दर्जनों लोग इस फंगस से संक्रमित हो चुके हैं और कई लोगों की मौत भी हो चुकी है, जो बेहद दर्दनाक है।

सांसद संजय सेठ नें केंद्रीय मंत्री से आग्रह किया है कि इस फंगस से बचाव के लिए चिकित्सकों के द्वारा सुझाई गई दवाओं को झारखण्ड के लिए पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध कराया जाए ताकि ब्लैक और व्हाइट फंगस (Mucormycosis) से संक्रमित हो रहे झारखंड के नागरिकों की जान बचाई जा सके। ब्लैक और व्हाइट फंगस के संक्रमण से बचाव व उपचार के लिए डॉक्टर्स इन दवा के नाम का सुझाव दे रहे हैं, वह इस प्रकार हैं :
AmB (Amphotericin B), L-AmB (Ambisome-Liposomal Amphotericin B), Amphotericin B Lipid Complex (ABLC) Injection, Caspofungin plus Lipid polyene, Micafungin OR Anldulafubgin Plus lipid Polyene.

श्री सेठ ने कहा है कि पर्याप्त मात्रा में इन दवाओं को झारखण्ड में उपलब्ध कराया जाए ताकि स्थानीय जनता और इस फंगस से संक्रमित हो रहे नागरिक सुरक्षित रह सकें। उनका समुचित उपचार हो सके।

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