चांडिल में हाथियों का तांडव: 50 गांवों में दहशत, दिन में डैम में जलक्रीड़ा और रात में घरों पर हमला
चांडिल में हाथियों का तांडव: 50 गांवों में दहशत, दिन में डैम में जलक्रीड़ा और रात में घरों पर हमला
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चांडिल (सरायकेला-खरसावां): चांडिल अनुमंडल क्षेत्र में पिछले एक महीने से जंगली हाथियों का आतंक चरम पर है। करीब 15-20 हाथियों के एक विशाल झुंड ने इलाके के 50 से अधिक गांवों की नींद उड़ा दी है। आलम यह है कि दिन के समय जो हाथी चांडिल डैम के शांत पानी में अठखेलियां करते नजर आते हैं, वही सूरज ढलते ही गांवों में घुसकर भारी तबाही मचा रहे हैं।
रात होते ही शुरू होता है ‘गजराज’ का उत्पात
स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, हाथियों का यह झुंड शाम होते ही रिहाइशी इलाकों की ओर रुख करता है। भोजन की तलाश में ये हाथी अब तक दर्जनों कच्चे और पक्के मकानों को क्षतिग्रस्त कर चुके हैं। खेतों में लगी सब्जियां, धान और अन्य फसलों को हाथियों ने पूरी तरह बर्बाद कर दिया है।
प्रभावित मुख्य गांव: कुसपुतुल, काशीडीह, अंडा, रामनगर और नीमडीह।
इनके अलावा आसपास के लगभग 50 अन्य टोले भी इस समस्या की चपेट में हैं।
डैम में जलक्रीड़ा: आकर्षण और डर का संगम
एक तरफ जहां ग्रामीण दहशत में हैं, वहीं दिन के समय चांडिल डैम का नजारा बिल्कुल अलग होता है। हाथियों का झुंड घंटों तक डैम के पानी में नहाता और जलक्रीड़ा करता दिखाई देता है। इसे देखने के लिए दूर-दूर से लोग जुट रहे हैं, लेकिन ग्रामीणों के लिए यह नजारा ‘खतरे की घंटी’ जैसा है। उन्हें डर है कि डैम के पास उमड़ती भीड़ हाथियों को उत्तेजित कर सकती है, जिससे कोई बड़ी अनहोनी हो सकती है।
ग्रामीणों की बेबसी: रतजगा करने को मजबूर
हाथियों के डर से ग्रामीणों ने अब खुद ही अपनी सुरक्षा का जिम्मा उठा लिया है। कई गांवों में लोग रातभर मशालें जलाकर और ढोल-नगाड़े बजाकर पहरा दे रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि उनकी मेहनत की कमाई (फसल) और आशियाने उजाड़े जा रहे हैं, लेकिन प्रशासन की ओर से अब तक कोई ठोस स्थायी समाधान नहीं निकला है।
वन विभाग की अपील: रहें सतर्क
वन विभाग की टीम लगातार हाथियों के मूवमेंट पर नजर रखे हुए है। विभाग द्वारा हाथियों को सुरक्षित जंगलों की ओर खदेड़ने का प्रयास किया जा रहा है, लेकिन हाथियों का झुंड बार-बार वापस लौट आ रहा है।
विभाग ने जारी किए निर्देश:
रात के समय अकेले घर से बाहर न निकलें।
हाथियों के पास जाकर फोटो या सेल्फी लेने की कोशिश न करें।
घरों में महुआ या भारी मात्रा में अनाज न रखें, जिसकी महक से हाथी आकर्षित होते हैं।
ग्रामीणों ने सरकार से मांग की है कि प्रभावित परिवारों को तत्काल मुआवजा दिया जाए और क्षेत्र में सोलर फेंसिंग या हाथियों को रोकने के लिए पुख्ता इंतजाम किए जाएं।














