महिला विरोधी है विपक्ष का चेहरा’ : नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लेकर अनुपमा प्रसाद का तीखा हमला
महिला विरोधी है विपक्ष का चेहरा’ : नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लेकर अनुपमा प्रसाद का तीखा हमला

रांची: अखिल भारतीय महिला सम्मेलन की सचिव अनुपमा प्रसाद ने महिला आरक्षण के मुद्दे पर कांग्रेस सहित समूचे विपक्ष को आड़े हाथों लिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि लोकसभा में 131वां संविधान संशोधन विधेयक पारित न होने देना विपक्ष के ‘महिला विरोधी’ चरित्र को उजागर करता है।
कथनी और करनी में अंतर
अनुपमा प्रसाद ने अपने बयान में स्पष्ट रूप से कहा कि कांग्रेस और विपक्षी दलों की कथनी और करनी में जमीन-आसमान का अंतर है। उन्होंने कहा:
“विपक्ष कभी नहीं चाहता कि भारत की आधी आबादी यानी महिलाओं को उनका वास्तविक अधिकार मिले। आज की घटना ने साबित कर दिया है कि विपक्षी दल महिलाओं के सशक्तिकरण को लेकर गंभीर नहीं हैं।”
मोदी सरकार के संकल्प पर अटूट विश्वास
विधेयक पारित न होने पर अफसोस जताते हुए अनुपम प्रसाद ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सराहना की। उन्होंने विश्वास दिलाया कि:
33% आरक्षण का लक्ष्य: केंद्र सरकार और भाजपा सही दिशा में काम कर रही है।
भविष्य की जीत: संसद और विधानसभाओं में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने का उद्देश्य निकट भविष्य में अवश्य पूरा होगा।
विपक्ष की हार: जब यह अधिकार प्राप्त होगा, तब विपक्ष के पास पछतावे के सिवाय कुछ नहीं बचेगा।
आत्मसम्मान से समझौता नहीं करेंगी महिलाएं
अनुपमा प्रसाद ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि इस घटना के बाद देश की महिलाएं विपक्ष की असलियत पहचान चुकी हैं। उन्होंने कहा कि महिलाएं सब कुछ सहन कर सकती हैं, लेकिन अपने आत्मसम्मान से कभी समझौता नहीं करेंगी। अब जमीनी स्तर पर जनता विपक्ष को इसका करारा जवाब देगी।

















