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रातु थाना क्षेत्र में गोलीबारी कांड का खुलासा, छह अपराधी गिरफ्तार, हथियार और वाहन बरामद

रांची : रातु थाना क्षेत्र के झखराटौड़ गांव में 07 सितंबर 2025 को हुई सनसनीखेज गोलीबारी की घटना, जिसमें एक व्यक्ति की मौत और एक अन्य गंभीर रूप से घायल हो गया था, का रांची पुलिस ने खुलासा कर दिया है। इस मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए छह अपराधियों को गिरफ्तार किया है और घटना में इस्तेमाल हथियारों, वाहनों और मोबाइल फोनों को बरामद किया है।

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7 सितंबर 2025 को रातु थाना को सूचना मिली थी कि झखराटौड़ गांव में प्रदीप लोहरा उर्फ चरकू के घर पर अज्ञात अपराधियों ने गोलीबारी की, जिसमें रवि कुमार (केरेडारी, हजारीबाग) की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि राजबल्लभ गोप गंभीर रूप से घायल हो गया। इस घटना के बाद पुलिस उप महानिरीक्षक सह वरीय पुलिस अधीक्षक, रांची के निर्देश पर पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई। पुलिस उपाधीक्षक (मु.) द्वितीय अरविंद कुमार के नेतृत्व में इस टीम ने त्वरित कार्रवाई कर छह अभियुक्तों को गिरफ्तार किया।

गिरफ्तार अभियुक्तों में कुणाल कुमार उर्फ बसंत यादव, लाल मोहन प्रजापति, इमरोज अंसारी, बबलू यादव, श्रीचंद प्रजापति उर्फ चंदु और विजय प्रजापति उर्फ कालू शामिल हैं। गिरफ्तार अभियुक्तों के पास से पुलिस ने तीन देशी पिस्तौल (मैगजीन सहित), पांच जिंदा गोलियां, एक होंडा शाइन मोटरसाइकिल, एक अल्टो कार, छह एंड्रॉयड मोबाइल और तीन कीपैड मोबाइल बरामद किए हैं।

अनुसंधान में पता चला कि मुख्य अभियुक्त कुणाल कुमार उर्फ बसंत यादव का राजबल्लभ गोप के साथ पुराना विवाद था। कुणाल के पिता, जो बुढ़मू प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारी कार्यालय में कार्यरत हैं, को एक साल पहले राजबल्लभ ने मारपीट की थी और कुणाल के परिवार को गाली-गलौज कर धमकाया था। इस घटना से आहत कुणाल ने बदला लेने की योजना बनाई। उसने अपने दोस्तों लाल मोहन प्रजापति और बबलू यादव के साथ मिलकर टी.पी.सी. और विकेश तिवारी के नाम पर रंगदारी मांगने वाले तीन अन्य अपराधियों से संपर्क किया और राजबल्लभ गोप की हत्या के लिए 5 लाख रुपये की सुपारी दी।

6 सितंबर 2025 को सभी अभियुक्त ठाकुरगांव में एकत्र हुए और हत्या की योजना बनाई। अगले दिन, 7 सितंबर को शाम 6:15 बजे के आसपास, अभियुक्तों ने झखराटौड़ में राजबल्लभ गोप के घर और प्रदीप लोहरा उर्फ चरकू के ठिकाने की रेकी की। गलती से रवि कुमार को राजबल्लभ समझकर उस पर गोलियां चलाई गईं, जिसमें रवि की मौत हो गई और बचाव के दौरान राजबल्लभ गोप भी घायल हो गया।

गिरफ्तार अभियुक्तों का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड भी सामने आया है। कुणाल कुमार के खिलाफ रातु थाना में 2021 में हत्या के प्रयास और चोरी जैसे मामले दर्ज हैं। लाल मोहन प्रजापति और इमरोज अंसारी के खिलाफ भी बुढ़मू और मांडर थानों में कई मामले दर्ज हैं, जिनमें आर्म्स एक्ट और रंगदारी के मामले शामिल हैं। श्रीचंद प्रजापति ने पूछताछ में खुलासा किया कि उसने रातु और मांडर थानों में पहले दर्ज दो अन्य मामलों में भी रंगदारी के लिए धमकी दी थी।

रांची पुलिस ने इस मामले में त्वरित और प्रभावी कार्रवाई करते हुए न केवल अभियुक्तों को गिरफ्तार किया, बल्कि घटना में इस्तेमाल हथियारों और वाहनों को भी बरामद कर लिया।

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