गढ़वा के रमकंडा में रामनवमी जुलूस पर पथराव: पुलिसकर्मी और आम लोग घायल, DIG और SP ने संभाला मोर्चा
गढ़वा के रमकंडा में रामनवमी जुलूस पर पथराव: पुलिसकर्मी और आम लोग घायल, DIG और SP ने संभाला मोर्चा
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विनय पांडेय / गढ़वा
रामनवमी के अवसर पर अष्टमी का जुलूस शांतिपूर्ण ढंग से निकल रहा था। जैसे ही जुलूस कौआखोह शिव चबूतरा के समीप पहुँचा, मुस्लिम समुदाय के कुछ लोगों ने इसे आगे बढ़ने से रोक दिया। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच बहस शुरू हुई जो जल्द ही पथराव में तब्दील हो गई।
गढ़वा/झारखंड: झारखंड के गढ़वा जिले से एक बड़ी खबर सामने आ रही है, जहाँ रमकंडा प्रखंड में रामनवमी के अष्टमी जुलूस के दौरान दो समुदायों के बीच हिंसक झड़प हो गई। कौआखोह शिव चबूतरा के पास जुलूस को रोकने को लेकर उपजा विवाद देखते ही देखते पत्थरबाजी में बदल गया। इस घटना में पुलिसकर्मियों सहित कई आम लोगों को गंभीर चोटें आई हैं। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को आंसू गैस के गोले दागने पड़े और हल्का बल प्रयोग करना पड़ा।
विवाद की जड़ और घटना का क्रम
प्राप्त जानकारी के अनुसार, रमकंडा प्रखंड में रामनवमी के अवसर पर अष्टमी का जुलूस शांतिपूर्ण ढंग से निकल रहा था। जैसे ही जुलूस कौआखोह शिव चबूतरा के समीप पहुँचा, मुस्लिम समुदाय के कुछ लोगों ने इसे आगे बढ़ने से रोक दिया। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच बहस शुरू हुई जो जल्द ही पथराव में तब्दील हो गई।
हिंसा के दौरान भीड़ को तितर-बितर करने के लिए रंका इंस्पेक्टर अभिजीत गौतम मिश्रा ने माइक के जरिए लोगों को पीछे हटने का निर्देश दिया, लेकिन माहौल तनावपूर्ण होने के कारण पुलिस को सख्त रुख अपनाना पड़ा। भीड़ पर काबू पाने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े, जिसके बाद जुलूस वापस लौटा।
पुलिस और आम नागरिक घायल
इस पथराव में हिंदू समुदाय के कई लोग घायल हुए हैं, जिन्हें एम्बुलेंस के माध्यम से तुरंत अस्पताल पहुँचाया गया। वहीं, भीड़ को शांत कराने के प्रयास में ड्यूटी पर तैनात कई पुलिसकर्मी भी चोटिल हुए हैं। घटनास्थल पर तनाव को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती कर दी गई है।
प्रशासनिक अधिकारियों का बयान
घटना की सूचना मिलते ही गढ़वा एसपी अमन कुमार और पलामू डीआईजी किशोर कौशल भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुँचे।
गढ़वा एसपी अमन कुमार ने बताया:
“कल भी जुलूस के दौरान कुछ विवाद हुआ था, जिसे आपसी समझौते के बाद सुलझा लिया गया था। मुस्लिम पक्ष ने आश्वासन दिया था कि जुलूस में कोई बाधा नहीं आएगी, लेकिन शाम को जैसे ही जुलूस पहुँचा, विवाद उत्पन्न हो गया। दोनों ओर से पत्थरबाजी हुई। फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है और पुलिस मामले की जाँच कर रही है। कल के मामले में आवेदन मिल चुके हैं और आज की घटना पर भी प्राथमिकी दर्ज कर गिरफ्तारियां की जाएंगी।”
वहीं पलामू डीआईजी किशोर कौशल ने स्पष्ट संदेश देते हुए कहा कि इस हिंसा और अशांति फैलाने के पीछे जो भी लोग शामिल हैं, उन्हें किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
इलाके में पुलिस छावनी, शांति की अपील
फिलहाल पूरे रमकंडा इलाके में स्थिति तनावपूर्ण लेकिन नियंत्रण में है। प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने और किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है। पुलिस सोशल मीडिया और स्थानीय इनपुट्स के जरिए उपद्रवियों की पहचान करने में जुटी है।















