ईस्ट टेक सिम्पोजियम-2025 का भव्य उद्घाटन: रांची में डिफेंस एक्सपो ने रचा इतिहास, राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने किया शुभारंभ

रांची : झारखंड की राजधानी रांची के टाना भगत इंडोर स्टेडियम, खेलगांव परिसर में आज केंद्रीय रक्षा मंत्रालय के तत्वावधान में “ईस्ट टेक सिम्पोजियम-2025” (डिफेंस एक्सपो) का भव्य उद्घाटन समारोह आयोजित किया गया। इस ऐतिहासिक आयोजन में माननीय राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार एवं मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन मुख्य अतिथि के रूप में सम्मिलित हुए। यह तीन दिवसीय (19 से 21 सितंबर) कार्यक्रम भारतीय सेना की पूर्वी कमांड द्वारा सोसाइटी ऑफ इंडियन डिफेंस मैन्युफैक्चरर्स (SIDM) के सहयोग से आयोजित किया जा रहा है, जो राज्य को रक्षा विनिर्माण हब के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

इस अवसर पर राज्यपाल गंगवार एवं मुख्यमंत्री सोरेन ने डिफेंस एक्सपो का विस्तृत अवलोकन किया। एक्सपो में देशभर से रक्षा क्षेत्र के विशेषज्ञ, प्रमुख औद्योगिक संस्थाएं, तकनीकी संस्थान, स्टार्टअप्स तथा लघु एवं मध्यम उद्यमों (MSME) के प्रतिनिधि शामिल हुए। यहां भारतीय सेना की नवीनतम स्वदेशी तकनीकों, युद्धक उपकरणों, सैटेलाइट एवं परमाणु कंपोनेंट्स सहित रक्षा क्षेत्र के व्यापक परिदृश्य को प्रदर्शित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य ‘आत्मनिर्भर भारत’ अभियान को मजबूत करना तथा पूर्वी क्षेत्र में रक्षा उत्पादन को बढ़ावा देना है।

मुख्यमंत्री का संबोधन: झारखंड की असीम संभावनाओं पर जोर
उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने कहा, “आज का दिन झारखंड के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। वीर टाना भगत इंडोर स्टेडियम में आयोजित यह सिम्पोजियम रक्षा क्षेत्र में नए आयाम जोड़ने वाली सकारात्मक पहल है।” उन्होंने राज्य की प्राकृतिक संपदा पर प्रकाश डालते हुए कहा कि झारखंड संभावनाओं का प्रदेश है, जहां रक्षा उद्योगों के लिए आवश्यक कच्चा माल जैसे यूरेनियम प्रचुर मात्रा में उपलब्ध है।

हेमंत सोरेन ने ऐतिहासिक उद्योग संस्थान हेवी इंजीनियरिंग कॉर्पोरेशन (HEC) का जिक्र करते हुए कहा, “HEC ने सैटेलाइट एवं परमाणु कंपोनेंट्स निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है, लेकिन आज इसकी स्थिति चिंताजनक है। गलत नीतियों के कारण ऐसे संस्थान पीछे छूट गए हैं।” उन्होंने केंद्र एवं राज्य सरकारों से समन्वय की अपील की तथा कहा, “रक्षा क्षेत्र को आत्मनिर्भर बनाने के लिए झारखंड सरकार हर संभव सहयोग करेगी। MSME क्षेत्र में सेना के प्रयास सराहनीय हैं।”

मुख्यमंत्री ने आशा जताई कि यह आयोजन झारखंड को रक्षा विनिर्माण का प्रमुख केंद्र बनाने में सफल होगा, जहां स्टील, खनिज एवं कुशल मानव संसाधन की कोई कमी नहीं। उन्होंने कहा, “झारखंड ने देश को बहुत कुछ दिया है, अब डिफेंस सेक्टर में विस्तार की प्रबल संभावनाएं हैं। मिलजुलकर प्रयास से हम आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ेंगे।”

प्रमुख अतिथियों की उपस्थिति ने बढ़ाया आयोजन का गरिमा
कार्यक्रम में केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ, चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) जनरल अनिल चौहान, मुख्य सचिव अलका तिवारी, पूर्वी कमांड प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल रामचंद्र तिवारी, पूर्वी कमांड एयर ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ एयर मार्शल सूरत सिंह सहित रक्षा मंत्रालय के वरीय अधिकारी एवं अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे। CDS जनरल चौहान ने सेना की स्वदेशी तकनीकों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह एक्सपो पूर्वी भारत को रक्षा नवाचार का केंद्र बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।
झारखंड: रक्षा उद्योगों का उभरता हब
ईस्ट टेक सिम्पोजियम-2025 झारखंड के लिए पहला ऐसा डिफेंस एक्सपो है, जो राज्य की औद्योगिक क्षमता को राष्ट्रीय पटल पर उजागर करेगा। यहां स्टार्टअप्स द्वारा विकसित नवीनतम तकनीकों का प्रदर्शन हो रहा है, जो MSME को रक्षा आपूर्ति श्रृंखला से जोड़ने पर केंद्रित है। आयोजन से स्थानीय उद्योगों को नई अवसर मिलेंगे, जिससे रोजगार सृजन एवं आर्थिक विकास को गति मिलेगी।

















