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सरना कोड़ लागू नहीं हुआ तो 6 दिसंबर को होगा चक्का जाम.

रामगढ़, आकाश/अशोक.

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रामगढ़ : अखिल भारतीय आदिवासी विकास परिषद और केंद्रीय सरना समिति के प्रतिनिधिमंडल के द्वारा 28 नवम्बर को रामगढ़ के विभिन्न क्षेत्र का दौरा किया गया। उन्होंने कहा सरना कोड लागू करने की मांग को लेकर 6 दिसंबर को रेल रोड चक्का जाम होगा। जनसंपर्क अभियान के तहत रामगढ़ जिला का दौरा किया गया, रामगढ़ जिला सरना समिति के प्रभारी रामविलास मुंडा के नेतृत्व में बरकाकाना,  बलकुदरा, मदकमा,  सीटू आमझरिया, सुथरपुर, तालाटाड़, दडदाग, हिलातु , पहानबेड़ा, आदि  गावों में  जनसंपर्क अभियान चलाया गया। जिसमें रामगढ़ जिला के सुथुर पुर सरना समिति के अध्यक्ष सीताराम मुंडा सियासी बसती, बरकाकाना सरना समिति के अध्यक्ष रामा मुंडा,सुदामा बेदिया, तालाटाड सरना समिति के अध्यक्ष महावीर मुंडा, एवं अन्य लोगों से मुलाकात कर 6 दिसंबर रेल रोड चक्का जाम करने का समर्थन करने का आह्वान किया गया। ताकि भारत सरकार सरना कोड देने के लिए बाध्य हो।

अखिल भारतीय आदिवासी विकास परिषद के महासचिव सतनारायण लकड़ा ने कहा कि यदि केंद्र सरकार 30 नवंबर 2020 तक सरना कोड लागू नहीं करती है तो 1 दिसंबर 2020 को रांची में मोटरसाइकिल रैली करम टोली धूमकुरिया से बिरसा चौक तक किया जाएगा। एवं 6  दिसंबर 2020 को देशव्यापी रेल रोड चक्का जाम किया जाएगा। केंद्रीय सरना समिति के संरक्षक ललित कच्छप ने कहा कि अभी नहीं तो, कभी नहीं। करो या मरो की तर्ज पर हमें आंदोलन करने की जरूरत है। यदि 2021 की जनगणना में आदिवासियों को सरना कोड नहीं मिलता है तो आदिवासियों की पहचान मिट जाएगी।

मौके पर केंद्रीय सरना समिति के संजय तिर्की विनय उंराव, प्रशांत टोप्पो, हजारीबाग सरना समिति के अध्यक्ष महेंद्र बेक, रामगढ़ जिला सरना समिति के रामा मुंडा महेंद्र श्रीवास्तव मुंडा, रामविलास मुंडा, पंचम करमाली सुनील मुंडा, अशोक उराव, सुभाष उरांव, विमल मुंडा, रामप्रसाद मुंडा, विनोद मुंडा, मुकेश मुंडा आदि शामिल थे।

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