अमेरिकी सेना ने ईरान के IRGC को होर्मुज जलडमरूमध्य में दी खुली चेतावनी; “असुरक्षित हरकतें बर्दाश्त नहीं करेंगे”
मध्य पूर्व में तनाव और बढ़ गया है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (IRGC) को सीधी चेतावनी देते हुए कहा है कि होर्मुज जलडमरूमध्य में होने वाले उनके लाइव-फायर नौसैनिक अभ्यास को “सुरक्षित, पेशेवर और अंतरराष्ट्रीय नेविगेशन के लिए जोखिम-मुक्त” तरीके से ही किया जाना चाहिए। CENTCOM ने स्पष्ट कहा, “हम IRGC की असुरक्षित और गैर-पेशेवर हरकतों को बर्दाश्त नहीं करेंगे।”
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!CENTCOM के बयान में कहा गया है कि अमेरिकी बल अमेरिकी कर्मियों, जहाजों और विमानों की सुरक्षा सुनिश्चित करेंगे। उन्होंने उन खास हरकतों की सूची दी जिन्हें असुरक्षित माना जाएगा।
यह चेतावनी ठीक उसी समय आई है जब ईरान ने घोषणा की थी कि IRGC नौसेना रविवार (1 फरवरी 2026) से दो दिन का लाइव-फायर अभ्यास होर्मुज स्ट्रेट में करेगी। यह जलडमरूमध्य दुनिया का सबसे महत्वपूर्ण तेल निर्यात मार्ग है, जहां रोजाना करीब 100 मर्चेंट जहाज गुजरते हैं। ईरान का यह अभ्यास अमेरिकी धमकियों के जवाब में माना जा रहा है, जहां USS Abraham Lincoln सहित अमेरिकी कैरियर स्ट्राइक ग्रुप क्षेत्र में तैनात हैं।
इस बीच, रिपोर्टों के अनुसार अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप इस सप्ताहांत में ईरान पर सैन्य कार्रवाई को मंजूरी दे सकते हैं। सूत्रों के मुताबिक, ट्रंप ईरान के साथ बातचीत की उम्मीद कर रहे हैं, लेकिन अगर डील नहीं हुई तो “बड़ी कार्रवाई” हो सकती है। ट्रंप ने हाल ही में कहा था कि अमेरिकी “आर्मडा” ईरान की ओर बढ़ रहा है और अगर डील नहीं हुई तो “देखते हैं क्या होता है”। विकल्पों में ईरान के नेताओं, सुरक्षा बलों, बैलिस्टिक मिसाइल साइट्स या न्यूक्लियर प्रोग्राम पर हमले शामिल हैं।
ट्रंप ने ईरान से “निष्पक्ष और संतुलित डील” की मांग की है, जिसमें न्यूक्लियर हथियारों पर रोक और मिसाइल प्रोग्राम शामिल हो। ईरान ने मिसाइलों पर कोई बातचीत से इनकार किया है और कहा है कि वह किसी भी हमले का “जवाब देगा”।

















