आरएसएस की अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा में संगठन विस्तार और सामाजिक समरसता पर गहन चर्चा; झारखंड से 31 प्रतिनिधि शामिल
आरएसएस की अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा में संगठन विस्तार और सामाजिक समरसता पर गहन चर्चा; झारखंड से 31 प्रतिनिधि शामिल
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रांची : राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) झारखंड प्रांत की ओर से राजधानी रांची के कांके रोड स्थित विश्व संबंध केंद्र में संवाददाता सम्मेलन का आयोजन किया गया। यह सम्मेलन मुख्य रूप से हरियाणा के समालखा में 13 से 15 मार्च 2026 तक आयोजित अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा की प्रमुख चर्चाओं, निर्णयों तथा संघ के शताब्दी वर्ष (संगठन की स्थापना के 100 वर्ष पूरे होने) के अंतर्गत प्रस्तावित कार्यक्रमों की जानकारी देने के लिए रखा गया था।
प्रांत कार्यवाहक संजय कुमार ने संवाददाताओं को संबोधित करते हुए बताया कि प्रतिनिधि सभा में सर कार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले के वक्तव्य का विशेष उल्लेख किया गया। इस अवसर पर संत शिरोमणि रविदास जी के 650वें प्रकट वर्ष के उपलक्ष्य में उनका संदेश पढ़ा गया। बैठक में देशभर के 46 प्रांतों से कुल 1438 (कुछ स्रोतों में 1487) प्रतिनिधि शामिल हुए, जिनमें झारखंड से 31 प्रतिनिधियों ने सक्रिय भागीदारी की।
सभा में संगठन के विस्तार, सामाजिक समरसता को बढ़ावा देने, राष्ट्रीय हित में सज्जन शक्ति की सक्रियता तथा शताब्दी वर्ष को ध्यान में रखते हुए भविष्य की व्यापक कार्ययोजना पर गहन विचार-विमर्श हुआ। संघ के शताब्दी वर्ष के कार्यक्रमों के संदर्भ में प्रांत स्तर पर विभिन्न गतिविधियां तेज की जा रही हैं।
आगामी प्रमुख कार्यक्रम
– अप्रैल 2026: प्रबुद्ध जनों (बुद्धिजीवियों, समाज के प्रभावशाली व्यक्तियों) के बीच गोष्ठी कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। ये झारखंड के सभी जिलों में प्रखंड केंद्रों तथा नगरीय क्षेत्रों के प्रमुख स्थानों पर संपन्न होंगे।
– जुलाई-अगस्त 2026: युवाओं के बीच संवाद कार्यक्रम शुरू होगा। यह 15 से 35 वर्ष आयु वर्ग के युवक-युवतियों को लक्षित होगा, जिसमें राष्ट्र निर्माण, सामाजिक सद्भाव और व्यक्तिगत विकास पर फोकस रहेगा।
संघ के शताब्दी वर्ष के अंतर्गत ये कार्यक्रम समाज में सकारात्मक बदलाव लाने और संगठन की पहुंच बढ़ाने के उद्देश्य से आयोजित किए जा रहे हैं। प्रांत कार्यवाहक संजय कुमार ने कहा कि इन गतिविधियों से झारखंड में संघ की शाखाओं और सामाजिक कार्यों को नई गति मिलेगी।














