इसरो आज लॉन्च करेगा अमेरिकी ब्लूबर्ड ब्लॉक-2 उपग्रह: अंतरिक्ष से सीधे स्मार्टफोन पर 4G-5G कनेक्टिविटी का नया युग
श्रीहरिकोटा : भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) आज सुबह 8:54 बजे आंध्र प्रदेश के सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र (एसडीएससी) से अपने सबसे शक्तिशाली रॉकेट एलवीएम-3 (LVM3-M6 मिशन) के जरिए अमेरिकी कंपनी एएसटी स्पेसमोबाइल का ब्लूबर्ड ब्लॉक-2 संचार उपग्रह प्रक्षेपित करेगा। यह मिशन इसरो की कमर्शियल शाखा न्यूस्पेस इंडिया लिमिटेड (एनएसआईएल) और एएसटी स्पेसमोबाइल के बीच हुए समझौते का हिस्सा है।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!यह उपग्रह लगभग 6,100 किलोग्राम वजनी है और लो अर्थ ऑर्बिट (LEO) में तैनात होने वाला अब तक का सबसे भारी कमर्शियल संचार उपग्रह होगा। इसमें 223 वर्ग मीटर का फेज्ड ऐरे एंटीना लगा है, जो इसे अपनी श्रेणी में सबसे बड़ा बनाता है। ब्लूबर्ड ब्लॉक-2 को अंतरिक्ष से सीधे सामान्य स्मार्टफोन पर हाई-स्पीड 4G और 5G ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी प्रदान करने के लिए डिजाइन किया गया है। इससे दूरदराज के इलाकों, पहाड़ों, समुद्रों और रेगिस्तानों में भी बिना किसी अतिरिक्त हार्डवेयर के वॉयस कॉल, वीडियो स्ट्रीमिंग, मैसेजिंग और इंटरनेट की सुविधा मिल सकेगी।
एएसटी स्पेसमोबाइल पहले ही सितंबर 2024 में पांच ब्लूबर्ड 1-5 उपग्रह लॉन्च कर चुकी है, जो अमेरिका और कुछ अन्य देशों में लगातार कवरेज प्रदान कर रहे हैं। कंपनी दुनिया भर में 50 से अधिक मोबाइल ऑपरेटरों के साथ साझेदारी कर रही है। यह नया ब्लॉक-2 उपग्रह वैश्विक डिजिटल विभाजन को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
एलवीएम-3, जिसे ‘बाहुबली’ रॉकेट भी कहा जाता है, इसरो का सबसे विश्वसनीय भारी-उठाव वाला प्रक्षेपण यान है। इसकी अब तक की सभी उड़ानें सफल रही हैं, जिसमें चंद्रयान-3 और वनवेब मिशन शामिल हैं। यह मिशन इसरो की 101वीं लॉन्चिंग और 2025 की पांचवीं उड़ान होगी।
प्रक्षेपण की लाइव स्ट्रीमिंग इसरो की आधिकारिक वेबसाइट और यूट्यूब चैनल पर उपलब्ध होगी। यह मिशन भारत की अंतरिक्ष क्षमता को वैश्विक स्तर पर और मजबूत करेगा।

















