आपदा में सिविल डिफेंस” पर सेमिनार, वॉलंटियर्स को मिलेगा सम्मान और प्रशिक्षण
जमशेदपुर: जमशेदपुर के बिरसा मुंडा टाउन हॉल में “आपदा में सिविल डिफेंस की भूमिका” विषय पर एक महत्वपूर्ण सेमिनार का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में उप विकास आयुक्त नागेंद्र पासवान मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!इस अवसर पर सिविल डिफेंस के डिप्टी चीफ दयाशंकर मिश्र समेत कई अधिकारी और वॉलंटियर्स मौजूद थे। कार्यक्रम में सिविल डिफेंस के अधिकारियों ने बताया कि जमशेदपुर में बाढ़, एमजीएम अस्पताल में छज्जा गिरने जैसी आपदाओं के दौरान सिविल डिफेंस के वॉलंटियर्स ने समर्पण भाव से राहत और बचाव कार्य किया है। ऐसे सभी वॉलंटियर्स को सम्मानित करने की योजना है, साथ ही नए लोगों को भी प्रशिक्षण दिया जाएगा।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सिविल डिफेंस के चीफ अरुण कुमार ने कहा कि देश में आपात स्थिति के दौरान सायरन बजाने और ब्लैकआउट कराने का कानूनी अधिकार 1968 में लागू किया गया था, जिसे 2009 में संशोधित किया गया। उन्होंने बताया कि पहले सिविल डिफेंस द्वारा आग बुझाने और प्राथमिक चिकित्सा का प्रशिक्षण दिया जाता था, लेकिन अब बाढ़, आग, सड़क दुर्घटना और भूकंप जैसी विभिन्न आपदाओं में भी वॉलंटियर्स सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। सेमिनार का उद्देश्य आपदा प्रबंधन में सिविल डिफेंस की भूमिका को मजबूत करना और अधिक से अधिक लोगों को इससे जोड़ना रहा।

















