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“उधवा दियारा के ढाई लाख लोग बंगाल से जुड़े, लेकिन मतदाता नहीं: प. बंगाल मंत्री सबीना यास्मीन का बड़ा बयान, झारखंड सरकार पर साधा निशाना”

साहिबगंज जिले के उधवा प्रखंड के दियारा क्षेत्र में रहने वाले करीब ढाई लाख लोगों की सामाजिक और आर्थिक जिंदगी पश्चिम बंगाल से गहराई से जुड़ी हुई है, लेकिन वे बंगाल के मतदाता नहीं हैं। यह बड़ा खुलासा पश्चिम बंगाल सरकार की राज्य मंत्री एवं मोथाबाड़ी विधायक सबीना यास्मीन ने किया है।

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बुधवार को दक्षिण पलाशगाछी बाजार परिसर में स्थानीय ग्रामीणों के साथ बैठक के दौरान सबीना यास्मीन ने कहा, “उधवा दियारा के लगभग 2.5 लाख लोग सामाजिक और आर्थिक रूप से पूरी तरह पश्चिम बंगाल से जुड़े हैं। उनकी जिंदगी, व्यापार और रिश्ते बंगाल पर निर्भर हैं, लेकिन वे बंगाल के मतदाता नहीं हैं।”

उन्होंने आगे बताया कि इस क्षेत्र की अधिकांश जमीनें पश्चिम बंगाल के कालियाचक ब्लॉक-2 में दर्ज हैं और आज भी रजिस्ट्री बंगाल में ही हो रही है। हालांकि, जमीनों पर कब्जा झारखंड सरकार का है। मंत्री ने आरोप लगाया कि झारखंड सरकार इन लोगों को केवल अस्थायी सुविधाएं उपलब्ध करा रही है, जबकि स्थायी अधिकार और विकास की जरूरत है।

सबीना यास्मीन ने कहा, “हम प्रभावित आबादी को बंगाल सरकार की पूर्ण सुविधाएं दिलाने की कोशिश करेंगे। भूमि अधिकार के लिए कानूनी लड़ाई लड़ी जाएगी ताकि दियारा के लोगों को उनका हक मिल सके।”

यह बयान उधवा दियारा क्षेत्र में लंबे समय से चले आ रहे सीमा विवाद और भूमि अधिकार के मुद्दे को फिर से सुर्खियों में ला दिया है। स्थानीय लोग गंगा के कटाव और सीमा विवाद से प्रभावित हैं, जहां एक तरफ बंगाल की जमीन दर्ज है तो दूसरी तरफ झारखंड का प्रशासनिक नियंत्रण।

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