झारखंड में मापतौल इंस्पेक्टरों की कमी से व्यापारियों को हो रही परेशानी, चैंबर ने उठाई आवाज
रांची : झारखंड में मापतौल (Weights and Measures) विभाग में अधिकारियों की गंभीर कमी के कारण लाइसेंस रिन्यूअल और उपकरणों के सत्यापन में लगातार देरी हो रही है। इस समस्या पर व्यापारियों की शिकायतों को लेकर आज चैंबर भवन में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में मापतौल कंट्रोलर के पद के रिक्त रहने पर विशेष चिंता जताई गई।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!सदस्यों ने बताया कि वर्तमान में एक विभागीय इंस्पेक्टर को चार-पांच जिलों का अतिरिक्त प्रभार संभालना पड़ रहा है, जिससे नवीनीकरण और सत्यापन का कार्य बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। इस स्थिति की विभागीय स्तर पर तत्काल समीक्षा की मांग की गई।
फेडरेशन ऑफ झारखंड चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज (FJCCI) के अध्यक्ष आदित्य मल्होत्रा ने कहा, “व्यापारियों की सुविधा के लिए राज्य के सभी जिलों में कम से कम एक-एक इंस्पेक्टर की स्थायी नियुक्ति आवश्यक है। इससे व्यापारी अपनी सुविधा अनुसार लाइसेंस सत्यापन या नवीनीकरण करा सकेंगे।” उन्होंने जोर देकर कहा कि जब तक विभाग में इंस्पेक्टरों की पर्याप्त पदस्थापना नहीं हो जाती, तब तक सत्यापन में देरी के कारण व्यापारियों पर कोई जुर्माना नहीं लगाया जाना चाहिए।
बैठक में एक अन्य महत्वपूर्ण सुझाव आया कि इंस्पेक्टरों की नियुक्ति होने तक प्रत्येक जिले के विभागीय कार्यालय के बाहर इंस्पेक्टरों का संपर्क विवरण और उनकी उपलब्धता के दिनों का बोर्ड लगाया जाए, ताकि स्थानीय व्यापारियों को सही जानकारी मिल सके।
चैंबर के महासचिव रोहित अग्रवाल ने बताया कि समस्या के स्थायी समाधान के लिए जल्द ही विभागीय मंत्री से मुलाकात कर मामले को उनके समक्ष रखा जाएगा और चर्चा की जाएगी।
इसके अलावा, चैंबर के श्रम उप-समिति के चेयरमैन प्रमोद सारस्वत ने सुझाव दिया कि स्थायी व्यवस्था होने तक विभाग द्वारा राज्य के सभी जिलों में त्रैमासिक (हर तीन महीने में) मापतौल कैंप लगाए जाएं, जिससे व्यापारियों को राहत मिल सके। बैठक में चैंबर के कार्यकारिणी सदस्य मुकेश अग्रवाल और उप-समिति चेयरमैन आलोक कुमार सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।

















