झारखंड सरकार ग्रामीणों के आंदोलन से डरी, रैयतों की बात सुनी जानी चाहिए: केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी
पलामू : केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने रांची में प्रस्तावित रिम्स-2 निर्माण मामले को लेकर झारखंड सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि ग्रामीणों और रैयतों के आंदोलन से डरकर सरकार ने पूर्व मुख्यमंत्री को हाउस अरेस्ट जैसा कदम उठाया, जो लोकतंत्र के खिलाफ है।
सोमवार को पलामू दौरे पर आईं अन्नपूर्णा देवी ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रदेश महामंत्री मनोज सिंह के पिता और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के पूर्व विभाग संघ संचालक स्व. ध्रुव नारायण सिंह को श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान मीडिया से बातचीत में उन्होंने झारखंड सरकार की नीतियों की कड़ी आलोचना की।
केंद्रीय मंत्री ने कहा, “ग्रामीणों और भाजपा की ओर से लोकतांत्रिक तरीके से विरोध-प्रदर्शन किया जा रहा था, लेकिन सरकार ने इसे दबाने की कोशिश की। यह साफ दर्शाता है कि सरकार जल, जंगल और जमीन के नाम पर सिर्फ राजनीति करती है, लेकिन जब असल मुद्दों पर आवाज उठती है, तो वह डर जाती है।”
उन्होंने जोर देकर कहा कि रैयतों की बात सुनी जानी चाहिए। अन्नपूर्णा देवी ने सुझाव दिया कि राज्य में कई बंजर जमीनें उपलब्ध हैं, जहां रिम्स-2 जैसी परियोजनाएं शुरू की जा सकती हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने बिना सोचे-समझे किसानों और रैयतों की उपजाऊ जमीन को निशाना बनाया है।
केंद्रीय मंत्री ने चेतावनी दी कि सरकार को ग्रामीणों की समस्याओं पर गंभीरता से ध्यान देना होगा और उनकी सहमति के बिना कोई बड़ा निर्णय नहीं लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में जनता की आवाज को दबाना उचित नहीं है। सरकार को रैयतों के हितों का सम्मान करना चाहिए।


















