झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने कांवर यात्रा में लिया हिस्सा, बने सेवा और आस्था की मिसाल
झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने कांवर यात्रा में लिया हिस्सा, बने सेवा और आस्था की मिसाल
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!मिहिजाम, 20 जुलाई : सावन के पवित्र महीने में झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री और जनप्रिय नेता डॉ. इरफान अंसारी ने एक बार फिर अपनी सेवा और समर्पण की भावना से लोगों का दिल जीत लिया। मिहिजाम से सुल्तानगंज तक की कांवर यात्रा में उन्होंने हजारों कांवरियों के विशाल जत्थे को रवाना किया और स्वयं “बोल बम” के नारों के बीच पैदल रैली में शामिल हुए।

श्रद्धालुओं ने उनका जोरदार स्वागत किया और उनकी इस पहल को “सच्ची आस्था और सेक्युलर भारत की तस्वीर” करार दिया। जनता ने एक स्वर में कहा, *”ऐसा नेता पहली बार देखा, जो हर धर्म और पर्व में हमारे साथ खड़ा रहता है।”*
सेवा और समभाव की अनूठी पहल
डॉ. अंसारी ने कांवरियों के लिए निःशुल्क दवाएं, प्राथमिक चिकित्सा दल और अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराकर उनकी यात्रा को सुरक्षित और सुगम बनाया। उनके इस कार्य की व्यापक प्रशंसा हुई। लोगों ने कहा, *”चाहे सोहराय, सरहुल, रमज़ान, दुर्गा पूजा, ईद हो या सावन की कांवर यात्रा, मंत्री जी हर मौके पर हमारे साथ होते हैं। वो सिर्फ नेता नहीं, हमारे परिवार का हिस्सा हैं।”*
सच्चे सेक्युलर नेता की पहचान
जिस तरह मुस्लिम समुदाय के नेता हज यात्रियों को मक्का के लिए रवाना करते हैं, उसी तरह डॉ. अंसारी ने कांवरियों को रवाना कर यह साबित किया कि सच्चा नेता सभी धर्मों का सम्मान करता है। उनकी यह पहल झारखंड की सांस्कृतिक एकता और सर्वधर्म समभाव का प्रतीक बन गई।
बाबा बैद्यनाथ के प्रति व्यक्तिगत आस्था
देवघर में जन्मे डॉ. अंसारी की बाबा बैद्यनाथ के प्रति गहरी आस्था रही है। उन्होंने अपने संबोधन में कहा, *”मैं किसी एक मजहब का नहीं, बल्कि झारखंड की सवा तीन करोड़ जनता का सेवक हूँ। इंसानियत और सेवा मेरी पहचान है। बाबा बैद्यनाथ से मेरी यही प्रार्थना है कि सभी के जीवन में सुख, शांति और स्वास्थ्य बना रहे।”*
जनता का विश्वास और प्रशंसा
श्रद्धालुओं ने डॉ. अंसारी को “हर त्योहार में सबसे आगे” और “सेवा, श्रद्धा और समभाव की मिसाल” बताया। उनकी इस पहल ने न केवल कांवरियों का उत्साह बढ़ाया, बल्कि यह भी दिखाया कि राजनीति सिर्फ सत्ता का खेल नहीं, बल्कि सेवा और आस्था का पवित्र मिशन भी हो सकता है।

















