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झारखंड शराब घोटाला: दिल्ली-हरियाणा तक पहुंची जांच की आंच, 15 लोगो को ACB का समन!

झारखंड शराब घोटाला: दिल्ली-हरियाणा तक पहुंची जांच की आंच, 15 को ACB का समन!

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रांची: झारखंड के बहुचर्चित शराब घोटाले में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने अपनी जांच को और तेज कर दिया है। अब यह जांच झारखंड की सीमाओं को लांघकर दिल्ली और हरियाणा तक पहुंच गई है। ACB ने इस सिलसिले में एक मौजूदा अधिकारी, पूर्व उत्पाद आयुक्त और विभिन्न प्लेसमेंट एजेंसियों के 15 लोगों को समन जारी किया है। सभी को 8 जून के बाद पूछताछ के लिए बुलाया गया है।

कौन-कौन हैं ACB के रडार पर?
मनोज कुमार: वर्तमान उत्पाद सचिव
अमित प्रकाश: हाल ही में रिटायर हुए पूर्व उत्पाद आयुक्त
प्लेसमेंट एजेंसियों के निदेशक और सीईओ:
ए टू जेड इंफ्रा सर्विस (गुड़गांव): सीईओ अमित इंद्रसेन मित्तल, निदेशक दीपाली मित्तल, मनोज तिवारी, अरुण गौड, रीतू गोयल, परमात्मा सिंह राठौर, और चेयरपर्सन प्रतिमा खन्ना। यह कंपनी धनबाद, सरायकेला खरसांवा, और पश्चिमी सिंहभूम में मानव संसाधन सेवाएं देती है।
ईगल हंटर्स सॉल्यूशन प्राइवेट लिमिटेड: निदेशक दक्ष लोहिया, सरोज लोहिया, महाराज सिंह, और एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर बृह हैरी संधू।
मेसर्स प्राइम वन वर्क फोर्स प्राइवेट लिमिटेड (भोपाल): निदेशक संजीव जैन और राजीव द्विवेदी।

पहले से गिरफ्तार और नोटिस प्राप्त लोग
ACB ने पहले ही इस मामले में कई बड़े कदम उठाए हैं। पूर्व उत्पाद सचिव विनय कुमार चौबे, संयुक्त उत्पाद आयुक्त गजेंद्र सिंह, और JACBCL के दो पूर्व जीएम फाइनेंस सुधीर कुमार व सुधीर कुमार दास को गिरफ्तार किया जा चुका है। इसके अलावा, विजन हॉस्पिटैलिटी सर्विसेज और मेसर्स मार्शन इनोवेटिव सिक्योरिटी सर्विस के सात निदेशकों को भी नोटिस जारी हो चुका है, जिनसे 3 और 4 जून को पूछताछ होगी।

क्या है मामला?
शराब घोटाले में कथित अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच के लिए ACB ने अपनी कार्रवाई को तेज किया है। जांच अब उन कंपनियों तक पहुंच गई है, जो शराब कारोबार से जुड़े मानव संसाधन और अन्य सेवाएं प्रदान करती हैं। दिल्ली और हरियाणा की कंपनियों के शामिल होने से इस घोटाले का दायरा और गंभीरता दोनों बढ़ गए हैं।

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