निकाय चुनाव में हजारों मतदानकर्मी मताधिकार से वंचित: आदित्य साहू ने हेमंत सरकार पर लगाया गंभीर आरोप
रांची : झारखंड भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष एवं सांसद आदित्य साहू ने राज्य की हेमंत सोरेन सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि निकाय चुनावों में राज्य सरकार के इशारे पर राज्य निर्वाचन आयोग ने मतदान कर्मियों के लिए पोस्टल बैलेट की कोई व्यवस्था नहीं की, जिसके कारण प्रदेश के हजारों मतदानकर्मी अपने मताधिकार से वंचित हो गए हैं।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!आदित्य साहू ने कहा, “लोकतंत्र की रक्षा का दावा करने वाली कांग्रेस-झामुमो-राजद गठबंधन की सरकार आज निकाय चुनाव में लोकतंत्र का गला घोंट रही है। मतदान कर्मी जो चुनाव प्रक्रिया को निष्पक्ष रूप से चलाने के लिए दिन-रात ड्यूटी पर लगे रहते हैं, उन्हें ही वोट देने का अधिकार नहीं दिया जा रहा। यह घोर अन्याय है।”
उन्होंने बताया कि उन्होंने खुद सुबह 11 बजे राज्य निर्वाचन आयुक्त से दूरभाष पर संपर्क कर पोस्टल बैलेट की व्यवस्था करने का आग्रह किया था, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। “इससे साफ जाहिर होता है कि निर्वाचन आयोग राज्य सरकार के दबाव में काम कर रहा है और संवैधानिक निर्णय लेने में असमर्थ है,” श्री साहू ने नाराजगी जताई।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने आगे कहा कि राज्य सरकार की मंशा निकाय चुनाव को लेकर शुरू से ही संदिग्ध रही है। पहले बैलेट पेपर से चुनाव कराने का फैसला, अब मतदान कर्मियों के मताधिकार पर रोक—ये सभी कदम सत्ताधारी गठबंधन की हार के डर को दर्शाते हैं।
आदित्य साहू ने तत्काल मांग की कि राज्य निर्वाचन आयोग अविलंब मतदान कर्मियों के लिए पोस्टल बैलेट की व्यवस्था सुनिश्चित करे, ताकि लोकतंत्र की मूल भावना बनी रहे और हर योग्य मतदाता अपने अधिकार का प्रयोग कर सके।

















