झारखंड के पलामू जिले में डायन-बिसाही के अंधविश्वास ने फिर ली तीन जिंदगियां: एक परिवार तबाह
पलामू : झारखंड के पलामू जिले के पांकी थाना क्षेत्र अंतर्गत आसेहार पंचायत के कुसड़ी गांव (पुरानी बथान) में डायन-बिसाही के नाम पर अंधविश्वास ने एक बार फिर खौफनाक रूप धारण कर लिया। शनिवार की देर रात या रविवार की सुबह-सुबह हुई हिंसक घटना में एक ही परिवार के तीन सदस्यों की धारदार हथियार (टांगी) से बेरहमी से हत्या कर दी गई, जबकि दो अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। पूरे इलाके में दहशत का माहौल है और ग्रामीण पुलिस की देरी पर भड़के हुए हैं।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!मृतकों की पहचान विजय भुईयां (45 वर्ष), उनकी पत्नी कलिया देवी/हेमंती देवी (40 वर्ष) और 17 वर्षीय बेटे छोटू भुईयां के रूप में हुई है। हमले में परिवार की बेटी (लगभग 16-17 वर्षीय ममता कुमारी) और बहू/अन्य सदस्य गंभीर रूप से घायल हुए, जिन्हें पहले पांकी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) में भर्ती कराया गया और बाद में बेहतर इलाज के लिए मेदिनीनगर रेफर किया गया। चिकित्सकों के अनुसार उनकी हालत चिंताजनक बनी हुई है।
घटना की शुरुआत गांव में महेशी भुईयां की मौत के बाद हुई, जिसके बाद उनके पुत्र प्रमोद भुईयां और रविंद्र भुईयां ने विजय भुईयां के परिवार पर डायन-बिसाही (ओझा-गुणी के जरिए जादू-टोना) का आरोप लगाया। आपसी आरोप-प्रत्यारोप और पुरानी रंजिश ने हिंसक झड़प का रूप ले लिया। आरोपियों ने टांगी से ताबड़तोड़ वार कर तीनों को मौके पर ही मार डाला।
स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि इस इलाके में आज भी ओझा-गुणी और डायन-बिसाही जैसे कुप्रथाएं गहरी जड़ें जमाए हुए हैं। कई बार ऐसी घटनाएं सामने आ चुकी हैं, लेकिन जागरूकता की कमी बनी हुई है। घटना की सूचना मिलने के बावजूद पांकी थाना पुलिस करीब 4 घंटे तक मौके पर नहीं पहुंची, जिससे ग्रामीणों में भारी रोष है।
प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है और आरोपियों की तलाश जारी है। ग्रामीणों ने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के साथ-साथ क्षेत्र में अंधविश्वास के खिलाफ बड़े स्तर पर जागरूकता अभियान चलाने की मांग की है।

















