किश्तवाड़ में फिर गूंजी गोलियां: ऑपरेशन त्राशी-1 के 14वें दिन डोलगाम में आतंकियों से मुठभेड़, घेराबंदी जारी
जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले में सुरक्षा बलों का आतंकवादियों के खिलाफ अभियान तेज हो गया है। शनिवार (31 जनवरी 2026) की सुबह डोलगाम के रिहायशी इलाके में व्हाइट नाइट कोर, जम्मू-कश्मीर पुलिस और सीआरपीएफ के जवानों ने आतंकियों से फिर से सामना किया। यह ऑपरेशन त्राशी-1 का 14वां दिन है, जिसमें पिछले दो हफ्तों में यह चौथी बार है जब इस इलाके में आतंकवादियों से संपर्क स्थापित हुआ है।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!सेना के अनुसार, सभी खुफिया स्रोतों से प्राप्त जानकारी के आधार पर जमीनी स्तर पर अभियान की सावधानीपूर्वक योजना बनाई गई और उसे अंजाम दिया जा रहा है। व्हाइट नाइट कोर ने एक्स (पूर्व ट्विटर) पर पोस्ट में बताया, “ऑपरेशन त्राशी-1 के दौरान 31 जनवरी की सुबह डोलगाम के सामान्य क्षेत्र में आतंकियों से संपर्क फिर से स्थापित किया गया। इलाके की घेराबंदी कर दी गई है और अभियान जारी है।”
यह मुठभेड़ पिछले 12 दिनों के बाद फिर शुरू हुई है। इससे पहले 18 जनवरी को अभियान की शुरुआत हुई थी, उसके बाद 22 और 25 जनवरी को भी संपर्क हुआ था, लेकिन आतंकी जंगलों में गहरे छिप गए थे। अब डोलगाम में उन्हें ट्रेस कर लिया गया है।
उत्तरी सेना कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल प्रतीक शर्मा ने किश्तवाड़ का दौरा किया और छत्रू इलाके में छिपे जैश-ए-मोहम्मद के तीन आतंकवादियों को खत्म करने के लिए चल रहे अभियान के तहत आतंकवाद विरोधी ग्रिड का जायजा लिया।
अधिकारियों ने बताया कि अभियान के दौरान सिंहपोरा, चिंगम और छत्रू में लगभग 6 किलोमीटर के दायरे में मोबाइल इंटरनेट सेवाएं अस्थायी रूप से निलंबित कर दी गई हैं, ताकि राष्ट्र-विरोधी तत्वों द्वारा इनका दुरुपयोग न हो सके।

















