झामुमो का भाजपा पर पलटवार: “लोकतंत्र की नहीं, सत्ता हथियाने की है जल्दबाजी”
रांची: झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के महासचिव व प्रवक्ता विनोद पांडेय ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि भाजपा को लोकतंत्र की चिंता नहीं, बल्कि सत्ता हथियाने की जल्दबाजी है। झारखंड में नगर निकाय चुनाव को लेकर भाजपा के शोर-शराबे को उन्होंने उसकी हताशा और निराशा का प्रतीक बताया।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!विनोद पांडेय ने कहा कि हेमंत सोरेन की सरकार लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है और पिछड़ों, दलितों, आदिवासियों, अल्पसंख्यकों, गरीबों, किसानों, मजदूरों और महिलाओं सहित सभी वर्गों को उनके संवैधानिक अधिकार दिलाने के लिए कटिबद्ध है। सरकार “ट्रिपल टेस्ट” प्रक्रिया को पूरा कर आरक्षण सुनिश्चित करने की दिशा में गंभीरता से काम कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा बिना तैयारी और सामाजिक न्याय की गारंटी के चुनाव कराना चाहती है, ताकि पिछड़े वर्गों को उनका हक न मिले।
उन्होंने आगे कहा कि भाजपा का इतिहास आरक्षण और पिछड़ों की भागीदारी के विरोध में रहा है। जब हेमंत सरकार पिछड़ों के अधिकारों के लिए कदम उठा रही है, तो भाजपा बौखला गई है। पांडेय ने दावा किया कि भाजपा लोकतांत्रिक संस्थाओं को अफसरशाही और पूंजीपतियों के नियंत्रण में रखना चाहती है, जबकि झामुमो सरकार सभी वर्गों की समान भागीदारी सुनिश्चित करना चाहती है।
विनोद पांडेय ने यह भी कहा कि राज्य सरकार माननीय उच्च न्यायालय के आदेशों का पालन करते हुए नगर निकाय चुनाव कराने के लिए ठोस कदम उठा रही है। उन्होंने भाजपा पर अपने शासनकाल को याद करने की नसीहत दी, जब उसने जानबूझकर नगर निकाय चुनाव टाले और पिछड़ों को उनके अधिकारों से वंचित रखा।
अंत में उन्होंने भाजपा पर अफवाह फैलाकर जनता को गुमराह करने का आरोप लगाते हुए कहा कि झामुमो सरकार न्यायपूर्ण, आरक्षण सुनिश्चित और संवैधानिक व्यवस्था के अनुरूप ही नगर निकाय चुनाव कराएगी।
















