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गलत ढंग से चयनित 226 अधिकारियों को तत्काल बर्खास्त करे सरकार 

DINESH

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जेपीएससी के अभ्यर्थियों ने को डुमरी अनुमण्डल परिसर में बैठक कर हेमन्त सोरेन सरकार के खिलाफ जम कर नारे लगाए और अपना विरोध प्रकट किया छात्रों का आरोप है कि  छठी जेपीएससी परीक्षा में गलत ढंग से चयनित 326 अधिकारियों को हाईकोर्ट ने सात जून को अवैध घोषित कर दिया और जेपीएससी के दोषी पदाधिकारियों पर कार्रवाई की आदेश दिया है परंतु हेमंत सरकार ने अभी तक उन अवैध अधिकारियों को पद मुक्त नहीं किया और न ही दोषी अधिकारियों पर कोई कार्रवाई हुई है।

हेमन्त सोरेन सरकार को अभ्यर्थियों ने कहा कि अगर सरकार झारखंडी जेपीएससी अभ्यर्थियों के साथ  सौतेला व्यवहार  करती है तो उसका खामियाजा सरकार को भुगतनी पड़ेगी। 

अभ्यर्थियों ने मांग की कि सरकार सभी गलत ढंग से चयनित 226 अधिकारियों को बर्खास्त करें साथ ही साथ पूरी परीक्षा को भी रद्द करते हुए नए सिरे से परीक्षा का आयोजन करें वही अभ्यर्थियों ने कहा कि मैट्रिक इंटर की नीति झारखंड विरोधी है

फी इमाम ने कहा की जेपीएससी भ्रष्टाचार की जड़ है,यहीं से भ्रष्टाचार पुरी झारखंड में फैल रहा है। उन्होंने झारखंड के युवाओं व बुद्धजीवियों से गुजारिश किया की जेपीएससी में हो रहे भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठायें और झारखंड को भ्रष्टाचार मुक्त बनायें।”
पंचायत सचिव की अविलंब बहाली की गई मांग 
गुलाम हुसैन व अन्य द्वारा पंचायत सचिव की बहाली जल्द से जल्द करने की मांग की है। कृष्ण किशोर ने कहा खतियान आधारित नियोजन नीति बनाना होगा
प्रदर्शन कर रहे अभ्यार्थी परवेज आलम  ने कहा,,”झारखंड में खाली पड़े पदों पर जेपीएससी/जेएसएससी के माध्यम से बेरोजगार युवकों को रोजगार मिलना चाहिए।  उन्होंने कहा कि झारखंड बनने के बीस वर्ष बाद भी रोजगार के लिए भटक रहे हैं, बहुत चिंता की बात है ।

प्रदर्शन में अभ्यर्थियों में सफी इमाम, कृष्ण किशोर, राजेश ओझा, परवेज आलम ,गुलाम हुसैन, विजय कुमार, रुईश कौशर, विपिन मुखर्जी, नरेश  रजक, राकेश कुमार, अब्दुश सलाम, चन्दन अकिंचन, स्थानीय प्रमुख, मुखिया, स्थानीय निवासी  मौजूद थे

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