आंदोलनरत JPSC छात्रों के समर्थन में उतरे भाजपा विधायक भी कुटे गए, मुश्किल से हुई मुलाकात में 4 दिनों में पूरा मामला ख़तम करने का किया गया वादा।

आंदोलनरत JPSC छात्रों के समर्थन में उतरे भाजपा विधायक भी कुटे गए, मुश्किल से हुई मुलाकात में 4 दिनों में पूरा मामला ख़तम करने का किया गया वादा।

अनुशील ओझा प्रदेश की राजधानी रांची के मोरहाबादी ग्राउंड में आज जाम कर हो हंगामा हुआ स्थिति इतनी बुरी हो चली थी की पुलिस बल के द्वारा jpsc के अभियर्थियों को दौड़ा दौड़ा कर मारा गया। पुलिस बल अभ्यर्थियों को रोकने के लिए पहुंचे थे। जिसके बाद JPSC के अभ्यर्थी और पुलिस कर्मियों के बीच बरकेटिंग की खींचा तानी की जाने लगी । जिसके के बाद पुलिस कर्मियों ने अभ्यर्थियों पर लाठी चलना शुरू कर दिया, जिसके भय से सारे जेपीएससी के अभियार्थी इधर उधर भागने लगे। मौके पर मौजूद केहकसा कमल जो की खुद JPSC की अभियार्थी है ने बताया की जेपीएससी अध्यक्ष को हटाने के नारे से और बैरिकेडिंग को पीछे धकेलने के लिए पुलिस बल द्वारा बेतहासा लाठिया बरसाई गई। मोरहाबादी मैदान में 23 नवंबर 2021 मंगलवार की सुबह से 24 जिलों से जुटे सैकड़ों अभ्यर्थियों ने परीक्षा के रिजल्ट में लगातार हो रही धांधली का आरोप लगा कर नारेबाजी कर रहे थे।

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आंदोलनरत JPSC छात्रों के समर्थन में उतरे भाजपा विधायक भी कुटे गए, मुश्किल से हुई मुलाकात में 4 दिनों में पूरा मामला ख़तम करने का किया गया वादा।

आंदोलनरत छात्रों के समर्थन में उतरे भाजपा विधायक भी कुटे गए।

प्रदर्शन कर रहे JPSC के छात्रों के समर्थन में पद्मश्री मधु मंसूरी विधायक नवीन जयसवाल, भानु प्रताप शाही और लंबोदर महतो आए थे। अभियर्थियों के साथ बीजेपी के विधायक नविन जैस्वाल और भानु प्रताप शाही सहित JPSC के अभियार्थी बैरेकेटिंग के ठीक सामने खड़े थे और पुलिस बल से बात करने की नाकाम प्रयाश जारी था, इसी बीच नारे लगाने लगे और पुलिस बल ने लाठियों से विधायक जी के संग आंदोलनरत अभियर्थियों को भी जम कर थुरा ,कुछ छात्रों के गंभीर रूप से घायल होने की भी सूचना है,लेकिन फिलहाल इसकी पुस्टि नहीं हो पाया है कि कितने कुल अभियार्थी घायल हुए हैं। लाठीचार्ज करने से पहले प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों को पुलिस बल ने दो बार खदेड़ा, लेकिन वह वापस जेपीएससी मुख्यालय की तरफ बढ़ते रहे। आंदोलन के कारण मैदान से लेकर जेपीएसपी से मोरहाबादी मुख्यालय तक अफरा-तफरी की स्थिति बनी रही।
आंदोलनरत JPSC छात्रों के समर्थन में उतरे भाजपा विधायक भी कुटे गए, मुश्किल से हुई मुलाकात में 4 दिनों में पूरा मामला ख़तम करने का किया गया वादा।
लाठीचार्ज के बाद भड़के अभियार्थी
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लाठीचार्ज के बाद से अभियार्थी काफी आक्रोश में आ गए । मौके पर मौजूद और घायल भाजपा विधायक भानु प्रताप शाही भी आक्रोश में हेमंत सरकार हमपर गोली चलवा दो जैसे नारे लगाने लगे और बैरेकेटिंग के सामने ही अफरातफरी के बीच बैठ गए, जब विधायक महोदय से पुलिस कर्मियों ने बल पुर्बक निकलना चाहा तो वो और मौके पर मौजूद नविन जैस्वाल आक्रोश में नारे लगाने लगे । मीडिया कर्मियों से बात करते हुए भानु प्रताब शाही ने कहा कि हेमंत सरकार में अगर थोड़ी भी लाज बची है तो जेपीएससी की पीटी परीक्षा को जल्द से जल्द रद्द करे।वही दूसरी तरफ विधायक नवीन जायसवाल ने कहा कि जेपीएससी में हेमंत सरकार की साजिश के तहत गड़बड़ी हुई है। पूरे जेपीएससी में परिवारवाद चल रहा है। छात्रों के भविष्य के साथ हेमंत सरकार खिलवाड़ करना बंद करे । जिसके बाद पुलिस द्वारा किन्ही १० लोगो को JPSC मुख्यालय जाने और अमिताभ चौधरी को ज्ञापन सौपने का आदेश दिया गया।
आंदोलनरत JPSC छात्रों के समर्थन में उतरे भाजपा विधायक भी कुटे गए, मुश्किल से हुई मुलाकात में 4 दिनों में पूरा मामला ख़तम करने का किया गया वादा।

घंटे भर चलती रही मुख्यालय में बैठक , चार दिनों में पूरा मामला सुलझाने का मिला अस्वाशन

जेपीएससी भवन में 10 सदस्यीय टीम अमिताभ चौधरी से मिलने पहुंची जिसके बाद लगभग एक घंटे तक आंदोलनरत अभ्यर्थी और जेपीएससी के अध्यक्ष अमिताभ चौधरी की बैठक चलती रही। इसमें बीजेपी के विधायक भी मौजूद थे। अभ्यर्थियों में जेपीएससी के अध्यक्ष के सामने परीक्षा में हुई गड़बड़ी का मामला सामने रखा , साथ ही गड़बड़ी की निष्पक्ष जांच की मांग भी की । इस पर जेपीएससी के अध्यक्ष अमिताभ चौधरी ने अभ्यर्थियों को आश्वासन देते हुए कहा कि अगर परीक्षा में गड़बड़ी हुई है तो उसकी पूरी पूरी जांच की जायेगी और जल्द से जल्द पूरा मामला ख़तम किया जाएगा । जांच करने के लिए JPSC के आंदोलनरत अभ्यर्थियों से चार दिनों का समय मांगा गया है। चौधरी ने कहा कि उन चार दिनों में अभ्यर्थियों के सारे सवालों का जवाब उन्हें लिखित रुप में सौंपा दिया जाएगा।

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