कैरव गांधी 14 दिनों बाद सकुशल घर के बालकोनी से निकले लोगो को हाथ जोड़कर प्रणाम किया तो सभी के आंखों से आंसू छलक उठे ।
कैरव गांधी 14 दिनों बाद सकुशल घर के बालकोनी से निकले लोगो को हाथ जोड़कर प्रणाम किया तो सभी के आंखों से आंसू छलक उठे ।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!
जमशेदपुर, 27 जनवरी : झारखंड के जमशेदपुर में चर्चित अपहरण मामले में बड़ी राहत की खबर आई है। नामी उद्योगपति देवांग गांधी के 24 वर्षीय पुत्र कैरव जब अपने घर के बालकोनी में आया और हाँथ जोड़कर सबका अभिवादन किया तो सभी की आंखों में खुशियों के आंसू छलक उठे । कैरव ने हाँथ जोड़कर बाहर बैठे सुभचिंतको , मीडिया , परिवार के लोगो का धन्यवाद किया । कैरव के साथ उसके पापा देवांग गांधी भी थे । जाहिर है की कैरव गांधी को 13 जनवरी 2026 को अपहरण के बाद 14 दिनों तक लापता रहने के बाद पुलिस ने सकुशल बरामद कर लिया है।
मंगलवार तड़के करीब 4:30 बजे जमशेदपुर पुलिस ने उन्हें सुरक्षित उनके आवास पहुंचाया, जिससे परिवार और शहर में खुशी का माहौल है।
परिवार की प्रतिक्रिया
सुबह करीब 10:30 बजे देवांग गांधी अपने पुत्र कैरव के साथ घर के बाहर आए और मीडिया, शहरवासियों तथा पुलिस प्रशासन के प्रति आभार जताया। देवांग गांधी ने कहा, “बीते 13-14 दिन हमारे परिवार के लिए बेहद कष्टदायक रहे। शहर के लोगों की प्रार्थनाएं और समर्थन हमारी सबसे बड़ी ताकत रहे।” कैरव गांधी ने भी संक्षिप्त बयान में सभी के सहयोग के लिए धन्यवाद दिया।जमशेदपुर पश्चिम विधायक सरयू राय ने परिवार से मुलाकात की और पुलिस से मामले की पूरी सच्चाई सामने लाने की मांग की।
उन्होंने संकेत दिया कि बरामदगी हजारीबाग क्षेत्र से हुई है।
अभी बाकी हैं कई सवाल
हालांकि कैरव की सुरक्षित वापसी से राहत मिली है, लेकिन पूरा मामला अब भी रहस्य के घेरे में है। अपहरणकर्ता कौन थे? क्या कोई रैनसम दी गई? 14 दिनों तक कैरव कहां और किन परिस्थितियों में रहे? पुलिस ने अब तक कोई विस्तृत आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है।
अपहरण की घटना और जांच
कैरव गांधी 13 जनवरी को दोपहर में अपने घर से कंपनी जाने के लिए निकले थे, लेकिन इसके बाद उनका कोई सुराग नहीं मिला। उनकी कार सरायकेला-खरसावां जिले के चांडिल थाना क्षेत्र में NH-33 पर एक होटल के पास लावारिस हालत में मिली थी। अपहरणकर्ताओं ने परिवार से 5 करोड़ रुपये की फिरौती की मांग की थी और थाईलैंड या अंतरराष्ट्रीय नंबरों से संपर्क किया था।
पुलिस ने इस मामले में कई राज्यों में छापेमारी की, विशेष टीमें गठित की गईं और CCTV फुटेज, टेलीकॉल डिटेल्स तथा अन्य सुरागों के आधार पर जांच आगे बढ़ाई।
अंततः पुलिस ने हजारीबाग जिले के बरही इलाके (हजारीबाग-गया बॉर्डर के पास, चौपारण-बरही रोड पर) से कैरव को रेस्क्यू किया। पुलिस के दबाव में अपहरणकर्ताओं ने उन्हें रास्ते में छोड़कर फरार हो गए। फिलहाल अपहरणकर्ताओं की तलाश जारी है और कोई गिरफ्तारी की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
शहर के व्यापारिक समुदाय और निवासियों की नजरें पुलिस के आगे के खुलासे पर टिकी हुई हैं।जमशेदपुर पुलिस की इस सफलता की सराहना हो रही है, और शुभचिंतकों का परिवार के घर आने-जाने का सिलसिला जारी है।















