जमशेदपुर के चर्चित कैरव गांधी अपहरण कांड में पुलिस को बड़ी सफलता: मुख्य साजिशकर्ता अमरिंदर सिंह उर्फ करतार सिंह समेत 5 गिरफ्तार

जमशेदपुर के चर्चित कैरव गांधी अपहरण कांड में पुलिस को बड़ी सफलता: मुख्य साजिशकर्ता अमरिंदर सिंह उर्फ करतार सिंह समेत 5 गिरफ्तार

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जमशेदपुर।: जमशेदपुर पुलिस ने युवा उद्यमी कैरव गांधी अपहरण मामले में एक और बड़ी कार्रवाई करते हुए मुख्य साजिशकर्ता अमरिंदर सिंह उर्फ करतार सिंह को उसके चार अन्य साथियों के साथ गिरफ्तार कर लिया है। यह गिरफ्तारी मामले की जांच में महत्वपूर्ण सफलता मानी जा रही है, जिससे अपहरण की पूरी साजिश का पर्दाफाश हो गया है।

अपहरण की पूरी घटना और पुलिस की जांच

13 जनवरी 2026 को बिष्टुपुर थाना क्षेत्र के सीएच एरिया निवासी युवा उद्यमी कैरव गांधी (कारोबारी देवांग गांधी के पुत्र) का अपहरण कर लिया गया था। अपहरणकर्ताओं ने कदमा-सोनारी लिंक रोड पर उन्हें अगवा किया था। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए कैरव गांधी को 27 जनवरी 2026 को सकुशल बरामद कर उनके परिजनों को सौंप दिया था। इस दौरान गुड्डू सिंह, अर्जुन सिंह, मोहम्मद इमरान आलम, रमेश राजा और मोहन कुमार प्रसाद समेत 6 अभियुक्तों को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका था।

तकनीकी जांच और पूछताछ से खुलासा

वरीय पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) पीयूष पांडेय ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि तकनीकी सहायता और पहले गिरफ्तार अभियुक्तों से पूछताछ के आधार पर अपहरण की साजिश के मूल में पंजाब के लुधियाना निवासी अमरिंदर सिंह उर्फ करतार सिंह का हाथ सामने आया। अमरिंदर सिंह पिछले लगभग 6 महीने से जमशेदपुर के साकची क्षेत्र में रह रहा था। उसने गुड्डू सिंह, मोहम्मद इमरान, मनप्रीत सिंह और सुरजीत सिंह के साथ मिलकर अपहरण की योजना बनाई थी।

पुलिस जांच में पता चला कि अपहरणकर्ताओं ने कई महीनों से कैरव गांधी की रेकी की थी। अपहरण के दिन अलग-अलग जिम्मेदारियां बांटी गई थीं ताकि पुलिस जांच भटक जाए। मनप्रीत सिंह ने वाहन चालक की भूमिका निभाई, जबकि अमरिंदर सिंह, गुड्डू सिंह, इमरान और रमेश पुलिस वर्दी पहनकर घटनास्थल पर पहुंचे थे। अपहरण के बाद कैरव गांधी को बिहार के गया जिले के बिसर गांव में रखा गया था।

गिरफ्तारी से बचने की कोशिश और अंतिम सफलता

अपराध करने के बाद ये पांचों अभियुक्त पंजाब, दिल्ली, कोलकाता और बिहार में छिपकर रहने लगे। लेकिन पुलिस की सतत निगरानी, तकनीकी अनुसंधान और पूछताछ से इनका सुराग मिला। सभी गिरफ्तार अभियुक्तों का पुराना आपराधिक इतिहास भी सामने आया है। उन्हें गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।

एसएसपी पीयूष पांडेय ने कहा कि जांच अभी जारी है और मामले से जुड़े अन्य संभावित लोगों की तलाश की जा रही है। यह सफलता जमशेदपुर पुलिस की समर्पित जांच का नतीजा है, जिसने शहर में कानून-व्यवस्था बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

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