शादी के नाम पर ठगी करने वाले ‘लुटेरी दुल्हन’ गिरोह का धनबाद में भंडाफोड़, 4 दुल्हनों समेत 10 गिरफ्तार
Dhanbad News: धनबाद पुलिस ने शादी का झांसा देकर युवकों और उनके परिवारों से पैसे, जेवरात और अन्य सामान ठगने वाले कथित अंतरराज्यीय गिरोह का खुलासा किया है। पुलिस ने गिरोह की चार महिला सदस्यों समेत कुल 10 लोगों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में छह पुरुष सदस्य भी शामिल हैं।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!पुलिस के अनुसार, गिरोह राजस्थान और हरियाणा के ऐसे युवकों को निशाना बनाता था, जिनकी शादी नहीं हो पा रही थी। गिरोह के सदस्य पहले फोन के जरिए परिवारों से संपर्क करते थे। इसके बाद व्हाट्सएप पर युवतियों की तस्वीरें भेजकर शादी का प्रस्ताव रखा जाता था। बातचीत आगे बढ़ने पर शादी तय कर दी जाती थी और इसके बदले नकद रुपये, जेवरात तथा कपड़े आदि लिए जाते थे।
शादी के बाद विदाई की रात दुल्हन फरार
मामला 7 सितंबर को सामने आया। पुलिस के मुताबिक, राजस्थान के गुल्लू नट नामक युवक की शादी गिरोह की एक महिला सदस्य से तय हुई थी। शादी कराने के नाम पर कथित तौर पर गिरोह ने एक लाख रुपये नकद, जेवरात और कपड़े लिए।
शादी के बाद विदाई की रात दुल्हन अपने साथियों के साथ फरार हो गई। इसके बाद पीड़ित परिवार को ठगी का एहसास हुआ। 8 सितंबर को गुल्लू के पिता ने बरवाअड्डा थाने में शिकायत दर्ज कराई।
शिकायत मिलने के बाद धनबाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की।

टुंडी के होटल में छापेमारी, 10 गिरफ्तार
एसएसपी प्रभात कुमार के निर्देश पर पुलिस ने विशेष टीम गठित की। जांच के दौरान पुलिस को गिरोह के सदस्यों के टुंडी इलाके के एक होटल में ठहरे होने की जानकारी मिली।
इसके बाद पुलिस टीम ने होटल में छापेमारी कर चार महिलाओं और छह पुरुषों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस इन आरोपियों से पूछताछ कर रही है और गिरोह के नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की जानकारी जुटाने में लगी है।
व्हाट्सएप पर तस्वीरें भेजकर बनाते थे शिकार
पुलिस जांच में सामने आए कथित तरीके के अनुसार, गिरोह के सदस्य पहले संभावित दूल्हे और उसके परिवार से संपर्क करते थे। इसके बाद लड़की की तस्वीरें और व्यक्तिगत जानकारी व्हाट्सएप के माध्यम से भेजी जाती थी।
परिवार को भरोसे में लेने के बाद शादी की तारीख तय की जाती थी। शादी के दौरान गिरोह के दूसरे सदस्य लड़की के रिश्तेदार और परिचित बनकर पूरे आयोजन का हिस्सा बनते थे।
शादी के बाद मौका मिलते ही दुल्हन के फरार होने की बात सामने आई है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि गिरफ्तार आरोपियों ने इससे पहले कितने लोगों को इसी तरीके से अपना शिकार बनाया है।
कई राज्यों में नेटवर्क की जांच
पुलिस अब गिरोह के अंतरराज्यीय नेटवर्क की भी जांच कर रही है। जांच का मुख्य फोकस यह पता लगाना है कि गिरोह के सदस्य मूल रूप से कहां के रहने वाले हैं, इसके पीछे कौन लोग हैं और क्या इनके खिलाफ दूसरे राज्यों में भी मामले दर्ज हैं।
पुलिस के अनुसार, बिहार, पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश और झारखंड के विभिन्न इलाकों में शादी के नाम पर ठगी करने वाले गिरोहों की गतिविधियों की जानकारी समय-समय पर सामने आती रही है। जांच एजेंसियां इस मामले में गिरफ्तार आरोपियों के मोबाइल फोन, व्हाट्सएप चैट, कॉल डिटेल और लेन-देन से जुड़े रिकॉर्ड की भी जांच कर सकती हैं।
धनबाद पुलिस ने लोगों से अपील की है कि केवल फोन, व्हाट्सएप बातचीत या तस्वीरों के आधार पर किसी अनजान परिवार से शादी का फैसला न लें। शादी से पहले लड़की और उसके परिवार की पहचान, पता और पारिवारिक पृष्ठभूमि की स्वतंत्र रूप से जांच करना जरूरी है।

















