Major expansion of power generation capacity in Jharkhand

झारखंड में बिजली उत्पादन क्षमता को बड़ा विस्तार: कोडरमा और पतरातू में नए थर्मल पावर प्रोजेक्ट्स का निर्माण तेजी से जारी

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Major expansion of power generation capacity in Jharkhand

आकाश सिंह

रांची: झारखंड में बिजली की मांग को पूरा करने और ऊर्जा क्षेत्र को और मजबूत बनाने के लिए कई बड़े थर्मल पावर प्रोजेक्ट्स पर तेजी से काम चल रहा है। केंद्रीय ऊर्जा राज्य मंत्री  श्रीपाद नाइक ने राज्यसभा में सांसद  परिमल नथवानी के एक सवाल के लिखित जवाब में यह जानकारी दी।

इन नई परियोजनाओं के शुरू होने से राज्य की बिजली उत्पादन क्षमता में भारी इजाफा होगा और आने वाले समय में निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जा सकेगी।

निर्माणाधीन प्रमुख थर्मल पावर परियोजनाएं

राज्य में वर्तमान में दो बड़े प्रोजेक्ट्स पर निर्माण कार्य युद्ध स्तर पर जारी है:

कोडरमा थर्मल पावर स्टेशन (दूसरा चरण): दामोदर वैली कॉरपोरेशन (DVC) द्वारा विकसित इस परियोजना के तहत 800-800 मेगावाट की दो नई यूनिट्स का निर्माण हो रहा है, जिससे कुल 1,600 मेगावाट की नई बिजली क्षमता जुड़ेगी। (बता दें कि डीवीसी केंद्र सरकार, झारखंड और पश्चिम बंगाल सरकारों का संयुक्त उद्यम है)।

पतरातू थर्मल पावर प्रोजेक्ट (तीसरी यूनिट): पतरातू विद्युत उत्पादन निगम लिमिटेड (PVUNL) द्वारा विकसित की जा रही इस तीसरी यूनिट से 800 मेगावाट की अतिरिक्त बिजली क्षमता मिलेगी। (पीवीयुएनएल, एनटीपीसी लिमिटेड और झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड (JBVNL) का एक संयुक्त उद्यम है)।

पिछले 5 वर्षों में जोड़ी गई 2,780 मेगावाट क्षमता

पिछले पांच वर्षों के दौरान झारखंड में कुल 2,780 मेगावाट क्षमता की थर्मल पावर परियोजनाएं सफलतापूर्वक शुरू की जा चुकी हैं:

नार्थ कर्णपुरा: 660 मेगावाट की तीन यूनिट्स।

पतरातू: 800 मेगावाट की पहली यूनिट।

हरित ऊर्जा और स्थिरता पर भी जोर

सरकार बिजली उत्पादन की जरूरतों के साथ-साथ पर्यावरण की स्थिरता बनाए रखने पर भी विशेष ध्यान दे रही है। आंकड़ों के अनुसार, 31 मई, 2026 तक देश की कुल स्थापित बिजली उत्पादन क्षमता में नॉन-फॉसिल फ्यूल (गैर-जीवाश्म ईंधन) का योगदान लगभग 53.75% हो गया है।

देशभर में नवीकरणीय ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए कई महत्वाकांक्षी योजनाएं चलाई जा रही हैं, जिनमें प्रमुख हैं:

पीएम-कुसुम (PM-KUSUM) योजना

पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना

राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन

जनजातीय और पीवीटीजी (PVTG) बस्तियों/गांवों के लिए नई सौर ऊर्जा योजनाएं, पीएम-जनमन (PM-JANMAN) और धरती आभा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान (DA-JVUA)।

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